साईं वाणी I - आई - माने में -- मै -- माने अहम -- माने अहंकार -- माने ईगो -- अंग्रजी वर्णमाला का अक्षर आई सीधा और खड़ा होता है माने खम्बा(पिलर) की तरह होता है , अर्थात अकड़ पन का प्रतीक है , अत: अकडू मत बनो विनम्र स्वभाव बनाओ , जब हम अंग्रजी के आई को मोड़ देंगे तो वह एक पुल की भांति बन जायेगा अर्थात जब हम मीठा स्वभाव बना लेंगे तो हम अपने परिवार के प्रति, अपने समाज के प्रति, अपने मित्रो के प्रति और अपनों के प्रति हमारी अकड़ में और उनके बीच के प्रेम में एक सेतु बन जाएगा। फिर हम सबके प्रिये बन जायेगे और हमारा अकडू स्वभाव चला जायेगा तथा सब हमारे प्रिये बन जायेगें। फिर जब येही हमारा संभंध सदगुरु के प्रति , परमात्मा के प्रति हो जायेगा तो जीवन में निखार आ जायेगा और फिर तुम जीवन में जो चाहोगे वो हो जायेगा , केवल सत्यता के साथ अपने कर्म पथ में लगे रहो , अकड़ना अच्छा नहीं होता है , दांत अकड़ (कठोर ) होते है , जल्दी टूट जाते है , पेड़ सीधा अकडा होता है तूफ़ान में टूट जाता है , शरीर या मांसपेशी अकड़ जाये तो दर्द होता है , मुर्दा अकड़ जाता है तो उसकी कोई पहेचान नहीं होती है , बल्कि समाज उसे अपने से अलग कर देता है , और उसे जला देता है या उसे जमीन में गाड दिया जाता है अत : विनम्र बनो और सुखी रहो भगवान् आपकी सदा रक्षा करेंगे। --बाबा की ओर से आशीर्वाद - सदा सुखी रहो ------तात्या साई महाराज तात्या साई मंदिर तातियागंज कानपुर उत्तर - प्रदेश भारत
Monday, 3 March 2014
साईं वाणी
"I" - MEANS EGO , MEANS HARDNESS IN MIND / PROUDY / TO UNDERSTAND OTHERS AS SMALL PEOPLE IN HIMSELF . "I" IS THE SYMBOL OF EGO , BECAUSE IT IS STRAIGHT JUST LIKE A PILLAR , FROM IT - I WANT TO LEARN THAT NEVER BE PROUDY , IF U WILL BE PROUDY THE SOCIETY WILL IGNORE U , EVEN YOUR OWN PERSON I.E. , YOUR FAMILY MEMBERS ALSO WILL HATE U , WHEN YOUR NATURE WILL BE JUST LIKE "--I--I--I---" IF WE FOLD "I" JUST LIKE A ROD , IT BECAME A POOL . SO U BECOME POLITE AMONG YOUR FRIENDS , YOUR SOCIETIES , IN YOUR FAMILY , IN YOUR OFFICE FRIENDS , AND IN OWN PERSON , ON BEING POLITE U WILL BE BELOVED AMONG YOUR OWN PERSON , THE ALL PERSONS WILL LOVE U AND U WILL LOVE THEM AND IF U PREPARE THIS RELATION BETWEEN YOUR(PRECEPTOR) "GURU" AND HONY. GOD THERE WILL COME A SPECIAL TYPE OF MAJESTY IN YOUR LIFE , SO BE PROCEED AHEAD IN YOUR LIFE WITH TRUE AND HARD-WORKING NATURE . GOD BLESS U . THE STRAIGHT EGO IS NOT GOOD BECAUSE TREE ARE STRAIGHT AND HARD. ON COMING STORM THEY BREAKS . THE TEETH R STRONG , IT BREAKS BEFORE TONGUE , THE BODY AND MUSCLE BECOME STRAIGHT IT PRODUCE PAIN AND DEAD BODY IS ALSO BECOME STRAIGHT AND STRONG , THE BODY IS BURNT BY THE SOCIETY AND COMMUNITY, SOME COMMUNITY PRESS IT IN THE PIT OF THE EARTH , SO IN THE SAME WAY DO'NT BE STRAIGHT AND STRONG IN EGO , OTHERWISE SOCIETY WILL SEPARATE U , SO BE POLITE AND BE HAPPY , GOD BLESS U ,SAI MANDIR TATYA GANJ , KANPUR U.P. INDIA --- TATIYA SAI MAHARAJ
Saturday, 1 March 2014
साईं वाणी
USUALLY OUR PERSON BEATS OUR SELF -- THERE WAS 2 SHOPS OF GOLDSMITH AND BLACKSMITH IN FRONT OF EACH OTHER , THE GOLD SAID TO THE IRON- DEAR FRIEND , BOTH OF US R BEATEN FROM EVERY MORNING TO EVENING (DAILY)- ON IT THE IRON SAID TO THE GOLD - I, AM NOT SORROW FOR BEATEN BECAUSE THIS IS IN OUR LUCK BOTH OF US . ARE BEATEN--BUT I AM VERY SORROW -THAT OUR PERSONS BEATS ME --SO ALL PEOPLE WILL BE ALERTS SUCH TYPE OF PEOPLE WHO CAN BEATS U IN LIFE-- GO AHEAD , GOD BLESS U ---, TATYA SAI MAHARAJ , SAI MANDIR TATIYA GANJ , KANPUR , U.P., INDIA 209217
साईं वाणी
प्राय - अपने लोग ही पीछे ढकेलते है - - सोनार की लोहार की दुकान आमने सामने थी सोना और लोहा दोनों सुबह से शाम तक़ पीटे जाते थे , सोने ने कहा लोहे से यार क्या हमारी तुम्हारी ज़िन्दगी हैं सुबह से शाम तक दोनों पीटे जाते है - लोहे ने कहा यार पीटने का हमें दुःख नहीं है क्योंकि हम दोनों के भाग्य मे पीटना ही लिखा है तुम्हे दूसरे पीटते है बस हमें दुःख इसी बात का है कि हमको हमारे ही पीटते है इसलिय है मानव तुम्हारे लिए सन्देश है कि तुम्हारे ऐसे अपने लोग जो तुम्हे पीट सकते हैं उनसे सावधान रहने की जरुरत हे - -तात्या साई महाराज तात्या साई मंदिर तातियागंज कानपुर उत्तर - प्रदेश भारत USUALLY OUR PERSON BEATS OUR SELF -- THERE WAS 2 SHOPS OF GOLDSMITH AND BLACKSMITH IN FRONT OF EACH OTHER , THE GOLD SAID TO THE IRON- DEAR FRIEND , BOTH OF US R BEATEN FROM EVERY MORNING TO EVENING (DAILY)- ON IT THE IRON SAID TO THE GOLD - I, AM NOT SORROW FOR BEATEN BECAUSE THIS IS IN OUR LUCK BOTH OF US . ARE BEATEN--BUT I AM VERY SORROW -THAT OUR PERSONS BEATS ME --SO ALL PEOPLE WILL BE ALERTS SUCH TYPE OF PEOPLE WHO CAN BEATS U IN LIFE-- GO AHEAD , GOD BLESS U ---, TATYA SAI MAHARAJ , SAI MANDIR TATIYA GANJ , KANPUR , U.P., INDIA 209217
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