Saturday, 1 March 2014

साईं वाणी

प्राय - अपने लोग ही पीछे ढकेलते है - - सोनार की लोहार की दुकान आमने सामने थी सोना और लोहा दोनों सुबह से शाम तक़ पीटे जाते थे , सोने ने कहा लोहे से यार क्या हमारी तुम्हारी ज़िन्दगी हैं सुबह से शाम तक दोनों पीटे जाते है - लोहे ने कहा यार पीटने का हमें दुःख नहीं है क्योंकि हम दोनों के भाग्य मे पीटना ही लिखा है तुम्हे दूसरे पीटते है बस हमें दुःख इसी बात का है कि हमको हमारे ही पीटते है इसलिय है मानव तुम्हारे लिए सन्देश है कि तुम्हारे ऐसे अपने लोग जो तुम्हे पीट सकते हैं उनसे सावधान रहने की जरुरत हे - -तात्या साई महाराज तात्या साई मंदिर तातियागंज कानपुर उत्तर - प्रदेश भारत USUALLY OUR PERSON BEATS OUR SELF -- THERE WAS 2 SHOPS OF GOLDSMITH AND BLACKSMITH IN FRONT OF EACH OTHER , THE GOLD SAID TO THE IRON- DEAR FRIEND , BOTH OF US R BEATEN FROM EVERY MORNING TO EVENING (DAILY)- ON IT THE IRON SAID TO THE GOLD - I, AM NOT SORROW FOR BEATEN BECAUSE THIS IS IN OUR LUCK BOTH OF US . ARE BEATEN--BUT I AM VERY SORROW -THAT OUR PERSONS BEATS ME --SO ALL PEOPLE WILL BE ALERTS SUCH TYPE OF PEOPLE WHO CAN BEATS U IN LIFE-- GO AHEAD , GOD BLESS U ---, TATYA SAI MAHARAJ , SAI MANDIR TATIYA GANJ , KANPUR , U.P., INDIA 209217

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