Tuesday, 12 November 2013

Statement of Devotees

Statement of Devotees
STETEMENT OF DEVOTEES
22 वर्षो के लिए साईं बाबा तात्या साईं मंन्दिर तातियागंज में आ गये है -बाबा इस मंन्दिर के माध्यम से अब तक हजारों भक्तों की मनोकामनाए पूर्ण कर चुके हैaaaaaa ा
मन्दिर पहुचने के लिए- भारत की राजधानी नई दिल्ली में रेल या वायुयान द्वारा कानपुर पहुचे (420किमी0), कानपुर से 20किमीपष्चिम में तात्यार्साइं मन्दिर
तातियागंज ( रामा मेडिकल कालेज से 3 किमीपष्चिम में जीटीरोड पर है।टेम्पो,विक्रमआटोबस या कार द्वारा पहुचे। ठहरने के लिए कानपुर सिटी में होटल
500 से 10,000 तथा धर्मषाला 200 से 400 रुमें उपलब्ध हंै।
 
सरदार गुरुवक्स सिंह नोएड़ा(दिल्ली)  के बाबा के विषय मे कुछ अनुभव
मैं गुरु बक्श सिह म0 न0 ए-153 सेक्टर-46 नोएडा का निवासी हूँ मेरे जीवन में बाबा के कुछ चमत्कारिक अनुभव इस प्रकार है ।
1. पहली बार मुझे बाबा की महक अलीगढ़ में बस में मिली मैं कई जगह- मन्दिर , गुरुद्वारा और   पूजास्थलांे पर गया , ऐसी महक कही नहीं मिली मैं तब से बाबा जी का अनन्य भक्त हो गया हूँ।
2. एक बार बरसात के मौसम में मै अपने घर में डायनिंग टेबुल पर बैठा था घर के सभी खिड़की ,दरवाजे, रोशनदान बन्द थे कि एक जुगनू कही से आ गया । पहले जुगनू ने हमारी डायनिंग टेबुल के दो चक्कर लगाये फिर एक चक्कर मेरे सिर पर लगाया, फिर मेरी बाॅह में बैठ गया । फिर कमरे में ही बनें गुरुबाबा का स्थान था वहाँ जाकर बैठ गया । फिर नहीं दिखायी पड़ा - मैनें अनुभव किया कि वह इस रुप में हमारे बाबा जी ही आये थे बाबा जी को प्रणाम किया ।
3.  एक बार हमारे घर में छोटा-मोटा फंक्सन था जिसमें सभी रिस्तेदार एकत्रित थे । मेरी पत्नी ने दूध गरम करने को भगोने मे रखा और तात्या साई बाबा को याद कर रही थी कि अचानक गुलाब की दो पंखुड़ी दूध में गिरी, जिसे देखकर पत्नी सहित परिवार के सभी लोग आश्चर्य चकित हो गये कि ये गुलाब की पंखुड़ी कहाँ से आयी । यह साई बाबा का चमत्कार था जिसे मैने अपने सभी रिस्तेदारांे को दिखाया, और तथ्य मैने 20- अक्टूबर 2011 को तात्या साई मन्दिर में उपस्थित लगभग -1000 भक्तो के बीच में बताया कि यह मेरे जीवन में बाबा का विशेष चमत्कार था । बोलो साई बाबा की जय, बोलो तात्या साई की जय ।
4. मेरी बेटी की शादी तय हो गयी थी , 9-नवम्बर-2011 का मुहुर्त था । गेस्टहाउस आदि बुक कर दिया गया था सभी तैयारियाँ पूर्ण हो  चुकी थी कि लड़के वालो ने शादी तोड़ दी हम बड़े दुःखी थे । हमने तात्या साई महाराज जी को फोन किया , महाराज जी ने बताया कि बाबा ने कहा है ।कि  यह सम्बन्ध तुम्हारे लायक नहीं था इसी तारीख को दूसरा और अच्छा सम्बन्ध होगा और 9-नवम्बर को ही दूसरा  इससे अच्छा संम्बन्ध हुआ । यह तात्या साई बाबा की कृपा है ।
5. मेरी बेटी सुख विदर कौर मेलवर्न आस्टेलिया में रहती है जो तात्या साई बाबा के नाम से वृत करती है । उसके जीवन में हर 15 दिन में कोई ना कोई चमत्कार होता है । जब बाबा कोई चमत्कार करते है । तब वह हमे फोन करती है । बाबा की हमारे परिवार पर बड़ी दया है ।
 
6. एक बार मै बाबा के मन्दिर मे आया। यहाँ आया, रास्ता भटक गया कोई कहे  इधर जाओ, कोई कहे उधर जाओ मै आधा घंटे तक परेशान होता रहा। फिर हमने कहा बाबा हमसे कहाँ गलती हो गई है । बाबा क्षमा करो । अगले पाॅच मिनट मे हमारी गाड़ी मन्दिर के सामनेें खड़ी थी ।
7. मै बाबा जी को और महाराज जी को प्रायः हमेशाः सपने में देखता हूँ । एक बार मै नोयडा से कानपुर आ रहा था । टोल टैक्स के पास मेरी गाड़ी रुकी थी । सड़क के उस पार एक सफेद वस्त्र में बाबा जी और महाराज जी जैसे व्यक्ति को खड़े देखा उनके साथ में तीसरा आदमी था । तीसरा आदमी मेरे पास आया और बोला तुम कानपुर जा रहे हो तुम्हारे पास एक सीट खाली है ं। हमारे बाबा ही को लेते जाओ । मैने कहा कोई सीट नहीं खाली है और चल दिया ।मै यह कभी झूठ नहीं बोलता हूँ  । मेरे मुह से यह झूठ कैसे निकल गया  । मैं समझ नही पाया । पर मैं  बराबर सोचता रहा इन्हे कैसे मालूम हुआ कि एक सीट खाली  है । और मैं कानपुर ही जा रहा हूँ । जबकि कानपुर अभी  250किमी0 दूर था । मैने महाराज जी को फोन लगाया । महाराज जी बोले मै तो कानपुर में हूँ । जरुर बाबा जी होगें । इस प्रकार मैने बाबा का दर्शन किया और मन ही मन क्षमा मागीं ।
8. एक बार मैं बाबा के मन्दिर में आया । महीने का अन्तिम गुरुवार था । कीर्तन भजन हो रहा था । एक बााबा जी लाल वस्त्र पहने हुए बैठे थे । इसी बीच एक और बाबा जी आ गये, जो काले वस्त्र पहने थे हमारे पास  बैठ गये  और  बोले तुम्हारी बेटी की शादी है । हमने कहा हाँ महाराज जी । बोले बाबा की कृपा से सब ठीक होगा । और हमसे एक शादी का कार्ड लेकर चले गये । और कहा बाबा तुम्हारी सदा रक्षा करेगें । जब मैं घर पहुँचा  तो हमे आभास हुआ कि वह तात्या साई बाबा ही थे । जो हमें आर्शीवाद देकर चले गये बोलो साई बाबा की जय ।
9. हर माह के अन्तिम गुरुवार को बटने वाला बाबा का खजाना मै अपने साथ बाबा के खजाने का सिक्का जब से ले गया हूँ । बाबा की क ृपा से हमारे यहाँ सब बरक्कत हो रही है । पहली बार मैं बाबा के मन्दिर में आया था । छोटा सा मन्दिर बाबा को अर्पण किया जब तीसरी बार आया । दीपावली होने को थी , बाबा के मन्दिर मंे बिजली की झालर लगवाई  । अब बाबा की कृपा से बाबा के मन्दिर में एक हाल बनवाने की सोच रहा हूँ ।बाबा तो हमारे जीवन मे रम् गये , बस गये  है । बाबा के चमत्ःकार तो मै हमेशा अनुभव करता हूँ । बाबा मेरी तरह सब पर कृपा करें । लेकिन तुम भी मेरी तरह बाबा को याद करो , बाबा मे समर्पित हीे जाओ । फिर देखो सदा सुखी रहोगे ।

MY SELF IS DR K.K. BAJPAI HOUSE NO 53. POKHARPUR KANPUR U.P.. (INDIA) HAD COME IN SAI TEMPLE- TATIAGANJ. AND HAD TAKEN THE COIN OF SAI BABA. THE COIN HAD BEEN LOST DUE TO MY FAULT. IN THE NEXT TIME. I CAME FURTHER IN SAI TEMPLE & TAKEN COIN OF SAI BABA AS BLESSING. AFTER TAKING COIN. I AM WORSHPING THE COIN AS SAI BABA BY THE BEST SMELL  AGARBATTI & HOLY WATER. NOW THE GRACE OF SAI BABA . I AM EARNING WELL & MY BUSENESS HAS BECOME SETUP. A LOT OF THANK FOR THE GRACE OF SAI BABA-BOLO SAI BABA KI JAI- BOLO TATYA SAI MAHARAJ JI KI JAI.
बाबा के फूल घर पहुँचें:- मैं डा0 श्रीमती के0 के0 बाजपेई 53, पोखरपुरलालबंगलाकानपुर से बाबा के मन्दिर में पहली बार बाबा के खजाने का सिक्का लेने आयी थी। सिक्का लेने के बाद हमारासिक्का खो गया था। 6 महीने बाद मैं बाबा के मन्दिर में दोबारा सिक्का लेने आयीं जब से बाबा का सिक्का ले गयी हूँ जबसे हमारी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी हो गई है और मन प्रसन्न रहता है। अब मैं बाबा के मन्दिर में आती हूँ। जब बाबा के मन्दिर में आती हूँ। बाबा के फूल हमेशा अपने घर ले जाती हूँ। एक बार मैं बाबा के मन्दिर में नहीं आ पाईं। रात में तात्या सांई महाराज को और सांई बाबा को एक साथ सपने में देखा और जब सुबह उठी तो हमारे ड्राइंग रुम में बाबा के फूल पड़े थे। सपना झूठा हो सकता है लेकिन बाबा के फूल ड्राइंग रुम में देखकर मैं आश्चर्य चकित हो गई। यह बाबा का चमत्कार है। अब मैं प्रायः हर गुरुवार मन्दिर में आती हूँ। तात्या सांई महाराज के चरणों में 101 रुपये प्रसाद चढ़ाने के लिए अर्पण कर देती हूँ। बोलो तात्या सांई की जयबोलो सांई बाबा की जय।
 

तात्या साई बाबा के चमत्कारिक अनुभव
कैंसर ठीक हुआः- द्वारा:-मदन भाई तातियागंज(स्थानीय निवासी)
1. मै पिछले तीन वर्षों से बाबा के मन्दिर हर गुरुवार आकर हाजिरी देता हूँ । क्यो कि तात्या साई बाबा जी ने हमारा कैंसर का मर्ज अपनी कृपा दृष्टि से ठीक किया है । मै गरीब आदमी था , पैसा नहीं था महाराज जी बाबा जी का आर्शीवाद मिला और अब मैं बिल्कुल ठीक हूँ । हमारे सीने में डेढ़ किलो का ट्यूमर था जो  बहुत दर्द होता था अब बिलकुल ठीक है ।यह बात मैने पत्रकार सम्मेलन में प्रेस क्लब में दैनिक जागरण, आज, अमरउजाला और अनेको समाचार पत्रों व टी0 वी0 पत्रकारो को बताया था ।
2. शराब छोड़ीः - मेरा एक अति सगा सम्बन्धी शराब पीता था बाबा जी के मन्दिर  मे शराब छुड़वाने की प्रार्थना की महाराज जी से कहा महाराज जी ने एक दवा लिख दी और कहा इसे पानी में मिलाकर पिला देना, बाबा की कृपा से शराब छूट जयेगी । मेरे सम्बन्धी ने  शराब पीना छोड़ दिया है । यह सब बाबा की महाराज जी की कृपा है ।
3. बाबा ने बचाया: - एक बार मैं रावतपुर स्टेशन  से घर आने के लिए रावतपुर में एक  टेम्पो में बैठ गया था टेम्पो चलने वाली थी कि हमारा एक दोस्त आ  गया और उसने हमे इस टेम्पो से जबरदस्ती उतार लिया और कहा आओ दूसरी टेम्पो से चलते हे । हमारी इच्छा न होते हुए भी हम दूसरी टेम्पो मंे बैठ गये । आधा घंटा बाद उस टेम्पो का एक्सीडेट हो गया जिस टेम्पो मे मैं पहले बैठा था । कई आदमी मर गये । इस प्रकार बाबा ने हमारे प्राणो की रक्षा की अब तो यह जीवन बाबा जी का ही है ।
बाबा के फूलों की कृपा:-मेरे ऊपर एक अदालत में केश चल रहा है । मॅै पिछले 8-10 तारीख से बाबा जी के फूल अदालत में जज की सीट के पास छोड़कर आ जाता था । अब की बार जज महोदय ने हमसे स्वयं कहा कि मदन तुम्हारा केश हम जल्दी ही हल कर देगें । यह बाबा जी के फूलो का चमत्कार है ।
4. बाबा जी की कृपा दृष्टि:-मैं एक बार बुरी तरह से जल गया था । जाँघ में रोटी के इतना चैतरफा घाव था । मैने प्रसाद बॅटने के बीच लिंगड़ाते हुए महाराज जी के पास गया घाव दिखाया  महाराज जी ने घाव को ध्यान से देखा और कहा जाओ ठीक हो जायेगा। मुझे अचम्भा तब हुआ  जब बिना किसी दवा के 8 दिन में घाव पूर्णतयः ठीक हो गया । जब आठ दिन बाद महाराज जी घाव दिखाया तो महाराज ने कहा कि तात्या साई बाबा की कृपा दृष्टि का चमत्कार है । नही ऐसे घाव अच्छी दवा होने पर भी 15 दिन से पहले ठीक नहीं हीते है । बोलो साई बाबा की जय ।
5. सपने में दर्शन:- मैं तो तात्या साई महाराज जी मेे ही तात्या साई बाबा का दर्शन करता हूँ । क्यो कि मै तो गरीब आदमी था कैसर हो गया था क्या करता । महाराज जी के आर्शीवाद से साई बाबा की कृपा मिली  । मैं प्रायः हर चैथे पॅाचवे दिन साई बाबा  और महाराज जी को सपने में देखता हूँ । और अपने को धन्य मानता हूँ अब तो मैं  साई बाबा  को हर समय अपने पास ही महसूस करता हूँ  और हर समय तात्या साई बाबा को याद करता हूँ  बाबा ने जैसी हम पर कृपा की भगवान से प्रार्थना करता हूँ कि वह ऐसी कृपा सब पर करे । बोलो साई बाबा की जय बोलो तात्या साई की जय । मैं हर कार्य छोड़ देता हूँ पर बाबा के मन्दिर में हर गुरुवार जरुर आता हूँ ।
 

डाॅ0 यस हाजीपीरन कोलार/बंगलौर करनाटका के अनुभव
(प्रशान्ति नर्सिग होम- श्री निवास पुर रोड, 563135-कोलार ,कर्नाटका स्टेट)
1. मैं डाॅ हाजीपीरन बाबा के मन्दिर में इण्टरनेट से देखकर वर्ष 2005 में आया था , शादी के  26 साल बाद तक कोई संतान नहीं हुई थी । बाबा से दुआ  मांगी, महाराज जी से प्रार्थना की, महाराज जी की  प्रेरणा और बाबा की  दुआ से पुत्र रत्न प्राप्त हुआ । बाबा जी की हम पर बहुत कृपा है ।
2. मैं बाबा के मन्दिर मे दुबारा 2009 में अपने बेटे के साथ आया था । हवन पूजन में बैठा , बाबा का प्रसाद लिया , बाबा के फूल लिये । और महाराज जी ने चलते समय हमें बाबा के खजाने का एक रुपया दिया। जब से बाबा के खजाने का सिक्का ले गया हूँ । हमारा विकास दिन पर दिन अच्छा हो रहा है ।
3. मैं अब सबसे कहता हूँ कि अगर मुराद मनोकामना की पूर्ति चाहते हो । तो तात्या साई मन्दिर तातियागंज कानपुर जाओ अब साई बाबा  नये अवतार में वहीं पर है एक बार वर्ष 2010 में हमारे कुछ सहयोगी साथी एक रिजर्व बस करके कर्नाटक से तात्या साई मन्दिर तातियागंज आये । सभी भक्तों  की कोई न कोई मनोकामना बाबा ने पूरी की किसी की सर्विस लगी, किसी का व्यापार ठीक हुआ । किसी को पारिवारिक शान्ति मिली, किसी का अच्छा शादी हुआ । अब हमें यहाँ पर लोग तात्या साई बाबा का परम भक्त मानने लगे हैं । 10-20 लोग ,जो समस्याओ से घिरे थे ।  हमने उनको बोला तात्या साई बाबा को याद करो, और जय बाबा की जय बाबा की बोलो , तुम्हारा भला हो जायेगा , सब का भला हो गया , हो रहा है सभी लोग तात्या र्साइं बाबा के नाम से हमे धन्यवाद देते हैं ।
4. हमे बाबा की विशेष सुगंध हर 15-20 दिन में मिलती रहती है । हमारे परिवार के सभी लोग बाबा जी का तथा महाराज जी का ध्यान , पूजन करते रहते है । प्रायः हमे व हमारे परिवार  को बाबा  जी का और महाराज जी का एक साथ सपने में दर्शन होता रहता  है ।
5. अब की बार में  हमारे क्षेत्र में  बाबा की कृपा से हमें काग्रेस पार्टी से एम0 एल0 ए0 सीट  रिजर्व कोटे से मिल गया है । मैं काग्रेस पार्टी का पुराना कार्यकर्ता हूँ । बाबा की कृपा से पार्टी ने हमें बुलाकर सीट दिया  है । बाबा की  हम पर बहुत कृपा है । बाबा के अनेको चमत्कार हमारे जीवन मे होते रहते है ।
 डाॅ हाजीपीरन कर्नाटक


STETEMENT OF DEVOTEES
I, SMT. REKHA DEVI KUSHAWAHA R/O SIKANDAR PUR, SHEORAJPUR KANPUR U.P. INDIA. COMES SAI MANDIR USUALLY. I PARTICIPATE IN HAWAN PUJA AND TAKES FLOWERS OF SAI BABA. THE BABA JI GIVEN ME THE BEST SON IN LAW & THE BEST HOUSE FOR MY DAUGHTER. I HAD TOLD MY PROBLEM TO MAHARAJ JI FOR BEST MARRIAGE-MAHARAJ JI HAD GIVEN THE FLOWERS OF SAI BABA AND SAID “ DROP THESE FLOWERS IN YOUR SON IN LAW’S HOUSE THE MARRIAGE WILL BE SETTELED. I DROPED THE FLOWERS THE MARRIAGE HAD BEEN SETTELED. THIS WAS THE MIRACLE EFFECT OF SAI BABA’S FLOWERS & SPEECH OF MAHARAJ JI- BOLO- SAI BABA KI JAI- BOLO- TATYA SAI KI JAI.
Sai Baba
STETEMENT OF DEVOTEES
MY SELF IS DR K.K. BAJPAI HOUSE NO 53. POKHARPUR KANPUR U.P.. (INDIA) HAD COME IN SAI TEMPLE- TATIAGANJ. AND HAD TAKEN THE COIN OF SAI BABA. THE COIN HAD BEEN LOST DUE TO MY FAULT. IN THE NEXT TIME. I CAME FURTHER IN SAI TEMPLE & TAKEN COIN OF SAI BABA AS BLESSING. AFTER TAKING COIN. I AM WORSHPING THE COIN AS SAI BABA BY THE BEST SMELL  AGARBATTI & HOLY WATER. NOW THE GRACE OF SAI BABA . I AM EARNING WELL & MY BUSENESS HAS BECOME SETUP. A LOT OF THANK FOR THE GRACE OF SAI BABA-BOLO SAI BABA KI JAI- BOLO TATYA SAI MAHARAJ JI KI JAI.
मैं श्री मती रेखा देवी कुशवाहा ग्राम -सिकन्दरपुर  डाकखाना- शिवराजपुर, जिला कानपुर नगर उ0प्र0(भारत) की निवासी हूँ । मैं प्रायः साई मन्दिर तातियागंज में आती हूँ और हवन - पूजा ,आरती में शामिल होती हूँ । तथा बाबा का प्रसाद और बाबा जी की पूजा के फूल अपने साथ हमेशा अपने घर ले जाती  हूँ । बाबा की हम पर बहुत कृपा है । बाबा की कृपा से हमारी बिटिया को  बहुत अच्छा वर वा घर मिला है, अच्छी शादी के लिए महाराज जी ने हमें पहली बार बाबा के फूल दिये थे और कहा था जिस दिन शादी के लिए बिटिया के होने वाली शशुराल जाना, बाबा के फूल वही छोड़ आना और बाबा की कृपा से सब बढि़या हो जायेगा , मैंे बाबा के फूल बिटिया के शशुराल में डाल आयी हूँ  और फिर वही संम्बन्ध हुआ ।जिससे सभी लोग खुश है । यह मेरे जीवन में बाबा के फूलो तथा वचनों का चमत्कारिक अनुभव रहा ।

STETEMENT OF DEVOTEES
I, N.L. MISHRA CAME IN THE TEMPLE FROM NEAR MUGALSHARAI (BIHAR) IN THE THIRD VISIT. I FEEL THE SMELL OF BABA JI IN THE FORM OF CALENDULA SMELL. IT WAS VERY TYPICAL SMELL. FROM THAT DAY. I AM FEELING VERY WELL. MY DESIRES ARE FULFILLING BY THE GRACE OF TATYA SAI BABA. I AM TAKING THE BLESSINGH OF TATYA SAI MAHARJ JI- BOLO TATYA SAI KI JAI, SAI BABA KI JAI.

जेवर नहीं बिके


मैं नन्हीं देवी कष्यप तात्यागंज की निवासी हूँ । बाबा के मन्दिर में बहुत समय से आ रही हूँ । गरीब परिवार से हूँ , मेरी बिटिया की षादी थी कुछ पैसे कम पड़ गये थे , हम दुखी मन से अपने स्वयं  के जेवर बेचने जा रहे थे , कि रास्ते में हमे 3,000 रु0 पड़े मिल गये । जिससे हम बहुत खुष हुए और हमारा जेवर बिकने से बच गया , खुषी-2 हम अपने घर लौट आये । बोलो तात्या साईं की जय बोलो साईं बाबा की जय ।
 

इण्टरव्यू में सेलेक्शनः- मैं मनीष कुमार सी-35, 36 नेहरु विहार नई दिल्ली में रहता हूँ और दिल्ली विश्वविद्यालय से एल0एल0एम0 कर रहा हूँ। मैं तात्या सांई महाराज जी का आशीर्वाद काफी समय से पा रहा हूँ। हर 3-4 माह में तातियागंज सांई मन्दिर में आता हूँ। बात 2005 की है जब मैं एक परीक्षा में अलीगढ़ आधे-अधूरे प्रपत्रों के साथ इण्टरव्यू देने गया था इण्टरव्यू लेने वाला परीक्षक प्रति छात्र 25 से 30 मिनट का समय लेता था। मैं अन्दर ही अन्दर घबरा रहा था। जब हमारा नम्बर आया तो लाइट चली गई जो 40 मिनट बाद ठीक हुई। इण्टरव्यू का कार्य बाधित रहा और समय भी पूरा होने वाला था केवल 7-8 मिनट बचे थे अब हमारा इण्टरव्यू केवल 5 मिनट में हो गया और हमारा सेलेक्शन हो गया यह हमारे लिए तात्या सांई महाराज जी का आशीर्वाद और तात्या सांई मन्दिर का चमत्कार ही था जो मैनें अपने जीवन में अनुभव किया। (मनीष कुमार 6 मई 2011)
परीक्षा का आर्डरः- मैं जूनियर डाक्टर दीक्षा इलाहाबाद मेडिकल कालेज से ग्रेजुएशन कर रही हूँ। फाइनल परीक्षा में हमारी प्रायोगिक परीक्षा किसी कारण से छूट गयी थी। प्रायोगिक परीक्षा दुबारा कराने का नियम विश्वविद्यालय में नहीं था। मैं तातियागंज सांई मन्दिर से काफी समय से जुड़ी हूँ। मैनें अपनी एप्लीकेशन बाबा के मन्दिर में लगायी, महाराज जी को बताया महाराज जी ने बाबा के फूल हमें दिये और कहा कि रजिस्ट्रार के कमरे में डाल देना और जय बाबा की, जय बाबा की दो बार बोल देना। मैंने रजिस्ट्रार महोदय को एप्लीकेशन दी और बाबा के फूल वहीं जमीन में डाल दिये और मन में दो बार जय बाबा की, जय बाबा की कहा, रजिस्ट्रार महोदय ने डीन को लिख दया और डीन महोदय ने परीक्षा का आर्डर कर दिया। यह तात्या सांई बाबा व सांई मन्दिर तातियागंज का चमत्कार था। बोलो सांई बाबा की जय। बोलो तात्या सांई की जय। तात्या सांई बाबा एवं तात्या सांई मन्दिर से चमत्कार ।
महाराज जी की कृपा
मैं श्री मती षीलम सिंह गणेवा निवासी जिला कानपुर न्च्ण् मेरे बच्चेदानी में कैंसर की तरह घाव था , दवाये कराने से लाभ नहीं हुआ , मन्दिर में आयी बाबा का दर्षन किया , और मन्दिर का पवित्र पानी पिया, 8 महीने हो गये है । अब हम पूर्णतयाः ठीक हैं । बाबा की 2 बार महक मिली है । बाबा जी का महाराज जी का सपने में कई बार महाराज जी का दर्षन मिला है ।
बाबा की विशेषताएँ
ः- बाबा जी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बाबा मन्दिर में आने वाले हर भक्त के पास जाते हैं और सपने में भक्त को दर्शन देते हैं साथ में भावनात्मक शरीर से तात्या सांई

महाराज जी होते हैं। मन्दिर में आने वाले अनेकों भक्तों को बाबा ने महाराज जी के साथ दर्शन दिये हैं। बाबा जिस भक्त पर अतिप्रसन्न हो जाते हैं उसे दिन में ही या भक्त के जागने पर अपनी एक विशेष प्रकार की सुगन्ध का एहसास कराते हैं जो गुलाब के फूलों की तरह होती है कभी-कभी गेंदा, चमेली, लौंग, कपूर की भी हो सकती है और यह केवल बाबा के भक्त को ही मिलती है। भक्त के साथ यदि 3-4 लोग और बैठें हैं उन्हें यह महक नहीं लगती है और जिन्हें इस सुगन्ध का एहसास हो जाता है वह बाबा का अतिविश्वसनीय भक्त बन जाता है।








 

Sai Baba.
 
.मैं श्री मती रानी दीक्षित मूलतः कन्नौज की निवासी हूँ , वर्तमान में इद्रानगर में रहती हूँ । मैने अपने बेटे की परीक्षा के लिए महाराज जी से पेन अभिमंत्रित कराये थे । बेटे को 87 नंम्बर मिलें । यह बाबा की विषेष कृपा है ।

ः-महाराज जी के चमत्कार-ः मैं डा0 शाहनवाज खान बुलन्दशहर नेचुरोपैथी योगा कालेज का डाइरेक्टर हूँ। मैं बाबा के मन्दिर से वर्ष 2005 से जुड़ा हूँ। बाबा ने हमारी मनोकामना पूरी की है।
अबकी बार मैं तात्या सांई महाराज जी के पास बैठा था। महाराज जी ने अपना हाथ ऊपर किया और अपनी मुठ्ठी बन्द की, दो बार जय बाबा की, जय बाबा की बोले फिर मुठ्ठी खोली, मुठ्ठी में हरे रंग का पत्थर/रत्न था। जो पहले नहीं था। हमें दिया और बोले जाओ बाबा को प्रणाम करो अब जीवन
में बहुत अच्छा होगा। मैं वापस अपने घर आया। मुझे ऐसा अवसर मिला जिसकी मुझे कल्पना तक नहीं थी। मैं कांग्रेस पार्टी का छोटा सा वर्कर हूँ और मुझे दिल्ली से फोन आया कि राहुल गांधी भट्ठा परसौल पहुँच चुके हैं। और आप भी पहुँचें। मैं वहाँ गया मुझे राहुल के गांधी के साथ पूरा दिन बिताने का मौका मिला। हमारे लिये यह स्वप्न जैसा था। इस घटना के बाद मैं अपने जिले का सबसे सम्मानित कार्यकर्ता बन गया हूँ। यह सब बाबा का करम है। मैं इसे बाबा जी का और महाराज जी
का चमत्कार मानता हूँ। बोलो सांई बाबा की जय। बोलो तात्या सांई की जय। (ग्राम-जमालिया, पो0-नयागांव, बुलन्दशहर उ०प्र०)
ःमहाराज जी के चमत्कार-ः- मैं गोविन्द बाजपेई ग्राम रामपुर गजड़ा, भाऊपुर, कानपुर नगर का निवासी हूँ। लगभग दो वर्ष से इस मन्दिर से जुड़ा हूँ। बाबा ने हमारी मनोकामना पूरी की है। एक
दिन महाराज जी हमें बाबा का सिक्का दे रहे थे। अचानक महाराज सिक्का देते-देते रुक गये और आदमी ने बाबा को अनमने मन से चढ़ाया था। कंजूस आदमी के दोनों रिश्तेदारों ने बाबा को रुपया चढ़ाया था। इसलिए उसने भी अनिच्छा से चढ़ा दिया। यह कहकर महाराज जी ने मुठ्ठी में सिक्का बन्द किया और हाथ ऊपर उठाया और बोले हे बाबा यह सिक्का तुम ले लो और दो बार कहा जय बाबा की जय बाबा की कहा। फिर महाराज जी ने मुठ्ठी खोल दी। मुठ्ठी में बाबा जी का सिक्का
नहीं था। फिर महाराज जी ने हमें दूसरा सिक्का दिया । सिक्का प्राप्त करने के 10 दिन बाद हमारी नौकरी समाचार पत्र में लग गई। हमारे लिये नौकरी पाना यह बाबा जी की कृपा
और महाराज जी का चमत्कार था। जो मैनें अनुभव किया। (09 जून 2011) - मन्दिर में नारियल फोड़ने के लिए स्तम्भ बना था। हजारों भक्तों की
भीड़ थी भक्तों ने प्रार्थना की महाराज जी पहला नारियल आप फोड़े। इस पर महाराज जी बोले अच्छा ऐसा करो। एक नारियल लाओ। जो नवग्रह की लकड़ी की हवन की राख रखी है। उसे लाओ थोड़ा काला नमक, घी, शहद, गंगाजल, शक्कर तथा अन्य कुछ सामग्री मंगायी और बोले सब लोग जय
बाबा की, जय बाबा की बोलो एक साथ कई कार्य कर देते हैं। 1. उद्घाटन, 2. बलाय-बाधा, नजर द्वोष आदि का निवारण और बाबा का आवाहन। फिर महाराज जी ने स्वास्तिक का चिन्ह आटे से बनाया। कुछ चावल डाले और उसी पर नारियल रखा, नवग्रह की राख, काला नमक, शक्कर तथा
शहद मिश्रित गाय का घी$सहायक पूजा की सामग्री रखी और बाबा का आवाहन किया। 3 बार सांई बाबा की जय बोला गया। जय बोलने के बाद पूजा सामग्री नारियल पर छोड़ी गई पहले 2 मिनट कुछ नहीं हुआ फिर हल्का सा धुआं उठा और फिर बिना माचिस जलाये आग लग गई। लपटे
निकलने लगीं। फिर इसी नारियल पर महाराज जी ने फूल चढ़ाये और भक्तों से कहा फूल चढ़ाओ। जो मनोकामना हो बाबा सब पूर्ण करेंगे। फिर वही नारियल फोड़कर प्रसाद के रुप में भक्तों में बांटा दिया गया। यह तात्या सांई महाराज जी का जादू जैसा चमत्कार था। सभी भक्त जय बाबा की जय
बाबा की बोल रहे थे।
ः- मैं आदित्य चैरसिया निवासी ग्राम-महाराजपुर डाकखाना
तातियागंज जिला कानपुर का निवासी हूँ। पिछले 5 वर्षों से महाराज जी एवं मन्दिर से जुड़ा हूँ। एक बार महीने के अन्तिम गुरुवार को बाबा के प्रसाद के रुप में एक भक्त द्वारा अर्पण की हुई बनियाइने बांटी जा रही थी। इसी बीच महाराज जी ने हमें हमें बुलाया और एक बनियाइन हमें दीं। और कहा
मन्दिर में कोई भी बटने वाला सामान जैसे- चम्मच, कटोरी, रुमाल, मोजा, बनियाइने या अन्य कोई वस्तु अपने घर प्रसाद के रुप में ले जाओ। बाबा तुम पर कृपा करेंगे। मैं बनियाइनें लेकर घर गया। हमारे छोटे भाई ने पूछा यह क्या है ? हमने कहा बाबा का प्रसाद है। जो इसे पहनेगा उसका कल्याण होगा। छोटे भाई ने बनियान हमसे ले ली और हर बार कोर्ट की तारीख पर पहनकर जाता था। तीसरे बार जज महोदय ने उसका नाम 302 के मुकदमें से नाबालिग के रुप में हटा दिया। यह मेरे लिए बाबा का महाराज जी का चमत्कार था। अब बाबा की कृपा से हमें जीवन साथी भी मिल गया है। अब मैं बाबा मन्दिर के लिए समर्पित रहता हूँ।
ः-महाराज जी के चमत्कार-ः बाबा के मन्दिर में आरती हो चुकी थी प्रसाद बंट चुका था। लगभग सभी भक्त जा चुके थे। महाराज जी बाबा के स्थान पर पीपल के नीचे खड़े थे। पास में 3-4 भक्त खड़े
थे। एक महिला ने महाराज जी से पूछा। महाराज जी हम एक जगह लेना चाहते हैं। हमें जगह मिल जायेगी। महाराज जी ने महिला से कहा बाबा का नाम लेकर दोनो मुठ्ठी बन्द करो। एक हाथ में गंगा और एक हाथ में जमुना लो। इसके बाद महाराज जी ने पीपल के वृक्ष की ओर शून्य में देखा और बोले एक हाथ की मुठ्ठी खोलो। महिला ने एक मुठ्ठी खोल दी। महाराज जी ने पुनः ऊपर शून्य में देखा और फिर बोले जमुना वाली मुठ्ठी खोली है। महिला ने कहा हां इस पर महाराज जी बोले जाओ बाबा को प्रणाम करो। जगह मिल जायेगी। मैं इस तथ्य पर बार-बार सोचता हूँ कि महाराज जी ने कैसे जान लिया कि जमुना वाली मुठ्ठी खोली है। मेरे लिए यह बाबा जी का चमत्कार है। मैं बाबा जी एवं महाराज जी को प्रायः सपने में देखता हूँ। मुझे बाबा की सुगन्ध नौ दुर्गा व्रत के दिन मिली थी। बोलो सांई बाबा की जय। बोलो सांई बाबा की जय, बोलो तात्या सांई की जय। (शैलेन्द्र तिवारी एडवोकेट केडीए प्लाटस, नया शिवली मार्ग, कानपुर-नगर उ0प्र0)
मन्दिर के चमत्कार अपने -2 अनुभव- मुस्लिम भाई श्री इकबाल जी उर्फ दद्दू जी निवासी 110/209 रावतपुर, कानपुर। जब मन्दिर में आये और सांई बाबा की मूर्ति का दर्शन किया तो उन्हें
सांई बाबा की मूर्ति में देवाशरीफ वाले बाबा (बाराबंकी वाले) जी का दर्शन हुआ, क्रिश्चियन भाई श्री

 

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