Tuesday, 12 November 2013

Sai Baba in Temple

Sai Baba in Temple

22 वर्षो के लिए साईं बाबा तात्या साईं मंन्दिर तातियागंज में आ गये है -बाबा इस मंन्दिर के माध्यम से अब तक हजारों भक्तों की मनोकामनाए पूर्ण कर चुके है ा
मन्दिर पहुचने के लिए- भारत की राजधानी नई दिल्ली में रेल या वायुयान द्वारा कानपुर पहुचे (420किमी0), कानपुर से 20किमीपष्चिम में तात्यार्साइं मन्दिर
तातियागंज ( रामा मेडिकल कालेज से 3 किमीपष्चिम में जीटीरोड पर है।टेम्पो,विक्रमआटोबस या कार द्वारा पहुचे। ठहरने के लिए कानपुर सिटी में होटल
500 से 10,000 तथा धर्मषाला 200 से 400 रुमें उपलब्ध हंै।

BABA CAME FOR 22 YEARS IN SAI TEMPLE
ACCORDING TO THE SATYA SAI BABA OF PUTTAPARTHI HE WAS THE INCARNATION (AVTAR) OF SAI BABA. THE SATYA SAI BABA WAS BORN IN 1926, 8 YEARS LATER FROM DEATH OF SAI BABA. SAI BABA HAD LEFT HIS BODY IN 1918. IN 1940 SAT SAI BABA HAD DECLARED HIM THE INCARNATION OF SAT BABA- LATER ON STA SAI BABA SAID THAT HIS THIRD INCARNATION (AVTAR) WILL BORN IN 2030 AND WILL DECLARE HIM. THE THIRD AVTAR OF SAI BABA IN 2044(AFTER FORTEEN YEARS).
 

NOW SAT SAI BABA HAD GONE. ACCORDING TO DREAM OF TATYA SAI MAHARAJ. SAI BABA HAVE COME IN TATYA SAI MANDIR FOR 22 YEARS. AS MADHYAVATAR (MIDDLE INCARNATION) OR ANSHAVATAR(PARTIAL INCARNATION) IN THE HIDDEN POWER. SO THE SAI BABA IS GIVING MARVELLOUS BLESSING TO HIS DEVOTEES (BHAKTAS) IN THE FORM OF TATYA SAI BABA. SO PLEASE COME AND TAKE BLESSING OF TATYA SAI BABA, BOLO- TATYA SAI BABA KI JAI, SAI BABA KI JAI.
 

22 वषों के लिए बाबा साईं मन्दिर तातियागंज में आ गयें हैं ।
पुट्टापर्थी कर्नाटक के सत्यसांईं भगवान के अनुसार वह शिरडी के सांईं बाबा के  अवतार थे । जिनका जन्म शिरडी के साईं बाबा के ब्रह्यलीन होने के 8साल बाद पुट्टापर्थी में हुआ था । और जन्म के 14 वर्षं के बाद अपने को साईं बाबा का अवतार घोषित किया था । और बताया था कि जब यह सत्य साईं अपना शरीर छोड़ेगे तब हमारा ही अर्थात साईं बाबा का तीसरा अवतार प्रेम साईं के रुप में होगा जो हमारा शरीर छोड़ने के 8 साल बाद जन्म लेगा । और 14 वर्षं की अवस्था मे अपनें को प्रेम साईं घोषित करेगा । (8़14 अर्थात 22 ) अब तात्या साईं महाराज जी के अनुसार बाबा जी ने जो सपना दिया था उसके अनुसार साईं बाबा मध्यवतार व अंशावतार के रुप में तातियागंज साईं मंन्दिर में 22 वर्षों तक रहेगें तात्यासाईं और तात्या साईं के रुप में भक्तों का कल्याण करेगें । स्थान का चुनाव बाबा ने 1992 में ही कर लिया था।
तात्या साईं महाराज जी के अनुसार-ः जैसा परमात्मा की ओर से हमें अनुभव मिल रहा है । कि हमारा जीवन 70 वर्ष का है । भक्तों की सेवा , बाबा की सेवा करने से यह 8 वर्ष और बढ़ सकता है । इस प्रकार 22 वर्ष तक का समय हमे भी बाबा और भक्तों की सेवा अवसर मिल सकता है साईं बाबा का तीसरा अवतार 20 वर्ष बाद होगा फ्रिर बाबा  ने 22 वर्ष का सपना क्यों दिया? क्या रहस्य है ? यह तो परमात्मा जाने साईं बाबा जाने क्योकि हम सबका मालिक एक है ।


खोया बेटा मिला- मेरा नाम अवधेश प्रताप सिंह है मेरा बेटा 17 वर्ष का था जो खो गया था। मैं बाबा के दरबार में आया। महाराज जी को अपनी व्यथा सुनाई। महाराज जी ने कहा बाबा से कहो हम बाबा जी से आपके लिए प्रार्थना करेंगे। महाराज जी के आशीर्वाद से और सांई बाबा की विशेष कृपा से 1( (डेढ़ माह) में हमारा खोया बेटा हमें मिल गया। सांई बाबा सब पर कृपा करें। अवधेश प्रताप सिंह (ग्राम-चकवा चलेरन, डाकखाना-ज्ञानपुर, भदोही, जिला- संतकबीर नगर, उ0प्र0)। इसी प्रकार सम्पतराम सिंह हथना, बड़ा जालौन का 18 वर्ष पूर्व खोया बेटा बाबा की कृपा से मिला। सम्पतराम सिंह हर माह जालौन से मन्दिर में आते हैं।
सब कुछ मिला- मैं डा0 राजेन्द्र प्रसाद बाबा के इस मन्दिर में पिछले 10 साल से आ रहा हूँ। बाबा की हम पर बड़ी कृपा हुई है। हमारे पास कुछ भी नहीं था। आज हमारे पास सबकुछ हो गया है। मन्दिर में आने वाल भक्तों का भगवान भला करें। बालो सांई बाबा की जय। बोलो तात्या सांई की जय। डा0 राजेन्द्र सिंह मेनरोड त्रिलोकपुर, कानपुर नगर उ.प्र.। इसी प्रकार निम्न भक्तों को भी बाबा के इस मन्दिर से सब कुछ मिला है। 1. ए0पी0 वर्मा एल0आई0जी0 6/4 गंगागंज कालोनी, पनकी, कानपुर। 2. डा0 नरेश मिश्रा, चैबेपुर-कानपुर। 3. असीम मिश्रा सिनेमैक्स के पास, मीरा रोड, मुम्बई महाराष्ट्र। 4. श्री बी.एन.तिवारी, रामशाहपुर, पो0-सम्हई, जिला- सुल्तानपुर उ0प्र0 व अन्य कई भक्तगण।
कार्य सिद्ध हो गया- (मनोकामना पूर्ण हुई) मैं दिलीप कुमार भाई, कस्बा बापी, जिला-बलसाढ़ गुजरात से बाबा के मन्दिर में अपने एक दोस्त के बताने के बाद आया, दोस्त ने बताया था कि कानपुर में तात्या सांई मन्दिर तातियागंज हैं जहाँ पर जाने से तात्या सांई सभी की मनोकामना पूर्ण करते हैं। मैं बाबा के मन्दिर में अबकी तीसरी बार आया हूँ। मुझे तो यहाँ शिरडी जैसे अनुभव होता है। बाबा ने हमारा कार्य सिद्ध कर दिया। (दिलीप कुमार भाई ग्राम व डाकखाना बापी बलसाड़ गुजरात (5/5/2010) इसी प्रकार निम्न भक्तों की पूर्ण हुईं। शिवशंकर सिंह अर्मापुर, कानपुर। पं0 रामकुमार अवस्थी। शास्त्री नगर। बलराम सैनी अमिलिहा, चैबेपुर। वासुदेव चैरसिया (राजस्व निरीक्षक) छतरपुर मध्यप्रदेश। आशा मन्दिर के पास के श्री अवस्थी जी, इन्द्रानगर। नन्दकिशोर चैहान बीरमाता, जीजाबाई भोसले मार्ग मानधुप माण्डला, मुम्बई। महाराष्ट्र-43। आनन्द तिवारी आई0आई0टी0 अवधेश पाल गम्भीरपुर और कई भी हजारों भक्त जिन्हें बाबा की कृपा से लाभ मिल रहा है, मिला है।
महाराज जी का मार्ग दर्शन- मैं संजीव कुमार बाबा के मन्दिर से वर्ष 2003 से जुड़ा हूँ। बाबा जी हम पर बहुत कृपा है। समय-समय पर महाराज जी मार्गदर्शन हमें नई प्ररेणा देता है। आज बाबा की कृपा से हमारा व्यापारिक कार्यक्रम बहुत ठीक है मेरा कार्य क्षेत्र उ0प्र0, म0प्र0, कर्नाटक, हरियाणा में बढ़ रहा है। हमें कार्य क्षेत्र में मेहनत करने की प्ररेणा महाराज जी से मिलती रहती है और मेहनत का फल सांई बाबा दे रहे हैं। बोलो सांई बाबा की जय। बोलो तात्या सांई की जय। संजीव सर एजूकेशन प्वाइंट, लखनऊ, वाराणसी, रांची (झारखण्ड)।
आर्थिक स्थिति अच्छी हुई- मैं बाबा के मन्दिर में पहली वर्ष 2003 में आया था। उस समय हमारी पारिवारिक स्थिति बहुत खराब थी। बाबा की कृपा से हमारी सारी समस्याएं ठीक हो गईं। आज हमारे पास सब कुछ है। मैं चार-छः महीने से बाबा के दरबार में जरूर आता हूँ। महाराज जी दर्शन आशीर्वाद व दिशा निर्देशन जरूर प्राप्त करता हूँ। क्यों कि महाराज जी से हमें धनात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। एक बार महाराज जी ने हवा में 3 बार हाथ घुमाया था और फिर अंगूठा और उंगलियों की
रगड़ से गंगा बालू के कण हमें दिये थे और कहा था अब बाबा की कृपा से ठीक हो जायेगा। और तब से मानो चमत्कार हो गया। बाबा सबका भला करें। विश्वनाथ तिवारी ग्राम रामशाहपुर डाकखाना- सम्भई, जिला-सुल्तानपुर उ0प्र0।
मन्दिर से धनात्मक ऊर्जा मिलती हैः-मैं योगेन्द्र प्रसाद वाराणसी से बाबा के मन्दिर में तीन वर्ष पूर्व आया था। बाबा की पूजा की बाबा के शीशे में अनेकों रुप देखें, यह अपने तरीके का एक विशेष मन्दिर है जहाँ फूलों से हवन पूजन किया जाता है। जहाँ पूजा पाठ के नाम से किसी से कुछ नहीं लिया जाता है। मैं जब से मन्दिर में आ रहा हूँ एक नई प्रकार की ऊर्जा का एहसास करता हूँ। महाराज जी के दिशा निर्देशन व ऊर्जामयी प्ररेणा से और सांई बाबा की विशेष कृपा से हमारी प्रगति
अच्छे ढंग से हो रही है। मैं आज बाबा के मन्दिर में सातवीं बार आया हूँ। जब मैं दूसरी बार आया था तब महाराज जी ने हवा हाथ चलाकर मुठ्ठी में से बाबा का लाकेट दिया था। जो मेरे लिए महाराज का चमत्कारिक अनुभव था। योगेन्द्र प्रसाद पुत्र श्री लल्लू प्रसाद, ग्राम- रामनगर, डाकखाना- बड़ागाँव, वाराणसी उ0प्र0।
पवित्र चुम्बकीय जल (होली मैग्नेटाइज्ड वाटर)ः- मन्दिर में एक पानी की टंकी है जिसमें चुम्बकीय तत्व पड़े हैं जो पानी को चुम्बकित कर चुम्बकीय जल बना देते हैं। वेद मन्त्रों की शक्ति से मनोकामना ।


4. खराब स्वप्नों से मुक्ति- जो लोग खराब सपने देखते हैं। या बच्चे सोने में डर जाते हैं। उन्हें तकिया के नीचे 11 पंखुडि़यां रख देने से बुरे सपने नहीं आते हैं। इसी प्रकार बच्चों को नजर लग जाने पर 11 पंखुडि़यां दाहिने हाथ में लेकर बच्चे के ऊपर सात बार उतार कर अग्नि में डाल दें नजर का द्वोष दूर हो जायेगा।
5. घर में सुख शान्ति के लिए- शुक्रवार के दिन खीर बनाकर खीर में सात पंखुडि़यां डाल दें आधी खीर गाय को खिला दें और शेष आधी खीर में से थोड़ी-थोड़ी खीर प्रसाद के रुप में परिवार के हर सदस्य को दे दें। घर के सभी सदस्यों में प्रेम हो जायेगा। और घर में सुख शान्ति आयेगी। ऐसा सात शुक्रवार तक करते रहें।
6. अधिकारी ने अनुकूलता- यदि आपका अधिकारी आपके अनुकूल नहीं है तो आप शुक्रवार के दिन 7 पंखुडि़यां अधिकारी के चैम्बर में या आफिस में डाल दें। ऐसा 7 शुक्रवार तक करें अधिकारी आपके अनुकूल हो जायेगा।
7. आसुरी शक्तियों से रक्षा- आसुरी शक्तियों से रक्षा पाने के लिए 7 पंखुडि़यां लेकर एक गिलास जल में डालें पीडि़त व्यक्ति के सिर पर सात बार उतार कर पीपल के पेड़ पर छोड़ दें। बाबा की कृपा से मुक्ति मिल जायेगी। ऐसा 11 गुरुवार तक करें।
8. शनिवार के दिनः-शनिवार के दिन घी चार दीपक जलायें और चार दीपक में चार-चार पंखुडि़यां डाल दें। दो दीपक दरवाजे, एक पूजा के स्थान पर और एक दीपक घर या तिजोरी के पास रख दें। ‘‘माँ लक्ष्मी का ध्यान करें’’ बाबा की कृपा से असीम धन की प्राप्ति होगी। ऐसा हमेशा करते रहें।
10. परीक्षा या इण्टरव्यू में- जब कभी परीक्षा या इण्टरव्यू में जायें प्रसाद की 11 पंखुडि़या अपने साथ लेकर जायें और इण्टरव्यू या परीक्षा कक्ष में बाबा जी का नाम लेते हुए अपने चारों ओर डाल दें। बाबा की कृपा से आपकी परीक्षा या इण्टरव्यू बहुत ही अच्छा होगा। बोलो सांई बाबा की जय। बोलो तात्या सांई की जय। बाबा जी सब पर कृपा कर रहे हैं और आप भी कृपा करेंगे। विश्वास रखो-श्रृद्धा-विश्वास-सबूरी बाबा करंेंगे हर इच्छा पूरी। बोलो सांई बाबा की जय। बोलो तात्या सांई की जय।
शिरडी जैसा अनुभव-ऐसे भक्त जो गरीब है अथवा अपनी निजी व्यस्तता अथवा परिस्थितियों के कारण शिरडी नहीं जा जा पाते हैं उन्हें बाबा अपने इस तात्या सांई मन्दिर तातियागंज में/से लाभान्वित कर रहे हैं, उनकी मनोकामनाऐं पूर्ण कर रहे हैं। कई भक्तों ने बताया कि उन्हें शिरडी जैसा ही आभास होता है। जिनमें से प्रमुख हैं- दिलीप कुमार भाई ग्राम व डाकखाना वापी, बलसाड़ गुजरात। हाजीपीरन श्री निवासपुरा कोलार, कर्नाटका विपुल कुमार बैडगाँव अल्मोड़ा जूनियर डा0 शिवदत्त भोपाल म0प्र0 आदि आदि।
मुकदमा में विजयः-यदि आप पर कोई मुकदमा चल रहा है आप जब भी तारीख पर जायें। 7 पंखुडि़या पेशकार की मेज के पास तथा सात पंखुडि़यां जज की मेज के पास बाबा का नाम लेते हुए छोड़कर आ जायें। बाबा की कृपा से मुकदमें का निर्णय आपके पक्ष में होगा। बशर्तें आपके तथ्य सही हों।
 

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