Tuesday, 12 November 2013

FLOWERS OF SAI BABA

FLOWERS OF SAI BABA
FLOWERS OF SAI BABAPDFPrintE-mail
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22 वर्षो के लिए साईं बाबा तात्या साईं मंन्दिर तातियागंज में आ गये है -बाबा इस मंन्दिर के माध्यम से अब तक हजारों भक्तों की मनोकामनाए पूर्ण कर चुके हैaaaaaa ा
मन्दिर पहुचने के लिए- भारत की राजधानी नई दिल्ली में रेल या वायुयान द्वारा कानपुर पहुचे(420किमी0), कानपुर से 20किमीपष्चिम में तात्यार्साइं मन्दिर 
 तातियागंज ( रामा मेडिकल कालेज से 3 किमीपष्चिम में जीटीरोड पर है।टेम्पो,विक्रमआटो,बस या कार द्वारा पहुचे। ठहरने के लिए कानपुर सिटी में होटल
  500 से 10,000 तथा धर्मषाला 200 से 400 रुमें उपलब्ध हंै।

THERE IS A FIRE SACRIFICE (HAWAN) IS DONE BY FLOWERS IN PLACE OF FIRE. IN HAWAN – PUJA, THE RELIGEOUS INSTRUCTOR (ACHARYA) SPEAK HOLY MANTRAS WITH THE WORD “SWAHA” HERE SWAHA MEANS – I REGREAT YOU, I OSCULATE GOD/ GODDES FEET. WITH THE SWAHA WORD THE FLOWERS (SPECIALLY ROSE & CALENDULA) ARE DROPPED. DOWN IN BEDI BY ALL DEVOTEES & RELIGEOUS PRECEPTOR. AFTER FINISHING OF HAWAN PUJA. THESE FLOWERS ARE DISTRIBUTED AMONG DEVOTEES (BHAKTAS) THESE FLOWERS ARE FULL OF THE GRACE OF SAI BABA & DIFFERENT HIDDEN POWERS.
HE DEVOTEE WHO TAKES THESE FLOWERS & FALL DOWN IN HIS HOME /SHOP/ FACTORY OR TRADDING CENTER OR IN THE OFFICE. ALL THE HIDDEN BAD ELEMENTS RUN AWAY & ALL THE UNFEVOUERABLE CONDITION STARTS TO BE FEVOUERABLE AFTER SOME DAYS THE DEVOTEE FEEL MUCH BETTER THAN OLD CONDITION.
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साईं मन्दिर तातियागंज में हर गुरुवार फूलो से बाबा का एवं सभी देवी देवताओ का हवन पूजन किया जाता है । बाद में यही फूल भक्तो में प्रसाद के रुप में बाॅट दिये जाते है ।  बाबा के इन फूलो को अपने घर में पूजा के स्थान पर ड्राईंग रुम में, स्टडी रुम म,ें रसोई घर में, दरवाजे पर तथा आमदानी के स्थान पर रख दें ।जिस घर बाबा के फूल पहुँच जाते है । सभी अदृश्य नकारात्मक शक्तियाँ  दूर हो जाती है टोना , बलाय-बाधा , नजर दोष , वास्त्र दोष सभी ठीक हो जाते है ।रुके हुए काम बनने लगते है । शादी विवाह की अर्चन दूर हो जाती है , रोजी रोजगार के अवसर खुल जाते है । और हर प्रकार से बाबा की कृपा से पारवारिक शान्ति मिलती है तथा जीवन में विकास होना शुरु हो जाता है । अतः जब भी मन्दिर आयें । पूजा के कार्यक्रम में शामिल होकर बाबा के फूल अवश्य ले जायें ।ये पूजा कार्यक्रम हर गुरुवार दोपहर -1 बजे से 4-बजे के बीच सम्पन्न होता है ।
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THE FLOWERS REACHED AT MY HOUSE- MY SELF IS DR K.K. BAJPAI HOUSE NO 53. POKHARPUR KANPUR U.P.. (INDIA) HAD COME IN SAI TEMPLE- TATIAGANJ. AND HAD TAKEN THE COIN OF SAI BABA. THE COIN HAD BEEN LOST DUE TO MY FAULT. IN THE NEXT TIME. I CAME FURTHER IN SAI TEMPLE & TAKEN COIN OF SAI BABA AS BLESSING. AFTER TAKING COIN. I AM WORSHPING THE COIN AS SAI BABA BY THE BEST SMELL  AGARBATTI & HOLY WATER. NOW THE GRACE OF SAI BABA . I AM EARNING WELL & MY BUSENESS HAS BECOME SETUP. A LOT OF THANK FOR THE GRACE OF SAI BABA-BOLO SAI BABA KI JAI- BOLO TATYA SAI MAHARAJ JI KI JAI.
बाबा के फूल घर पहुँचें:- मैं डा0 श्रीमती के0 के0 बाजपेई 53, पोखरपुरलालबंगलाकानपुर से बाबा के मन्दिर में पहली बार बाबा के खजाने का सिक्का लेने आयी थी। सिक्का लेने के बाद हमारासिक्का खो गया था। 6 महीने बाद मैं बाबा के मन्दिर में दोबारा सिक्का लेने आयीं जब से बाबा का सिक्का ले गयी हूँ जबसे हमारी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी हो गई है और मन प्रसन्न रहता है। अब मैं बाबा के मन्दिर में आती हूँ। जब बाबा के मन्दिर में आती हूँ। बाबा के फूल हमेशा अपने घर ले जाती हूँ। एक बार मैं बाबा के मन्दिर में नहीं आ पाईं। रात में तात्या सांई महाराज को और सांई बाबा को एक साथ सपने में देखा और जब सुबह उठी तो हमारे ड्राइंग रुम में बाबा के फूल पड़े थे। सपना झूठा हो सकता है लेकिन बाबा के फूल ड्राइंग रुम में देखकर मैं आश्चर्य चकित हो गई। यह बाबा का चमत्कार है। अब मैं प्रायः हर गुरुवार मन्दिर में आती हूँ। तात्या सांई महाराज के चरणों में 101 रुपये प्रसाद चढ़ाने के लिए अर्पण कर देती हूँ। बोलो तात्या सांई की जयबोलो सांई बाबा की जय।
मैं सरदार जी0 वी0 सिंह गौतम बुध नगर नोएडा सेक्टर -47 का निवासी हूँ । बाबा के मंदिर में आया , बाबा की हमें महक मिली , बाबा की कृपा मिली बाबा और महाराज जी ने सपने में दर्शन दिया । 3.  एक बार हमारे घर में छोटा-मोटा फंक्सन था जिसमें सभी रिस्तेदार एकत्रित थे । मेरी पत्नी ने दूध गरम करने को भगोने मे रखा और तात्या साई बाबा को याद कर रही थी कि अचानक गुलाब की दो पंखुड़ी दूध में गिरी, जिसे देखकर पत्नी सहित परिवार के सभी लोग आश्चर्य चकित हो गये कि ये गुलाब की पंखुड़ी कहाँ से आयी । यह साई बाबा का चमत्कार था जिसे मैने अपने सभी रिस्तेदारांे को दिखाया, और तथ्य मैने 20- अक्टूबर 2011 को तात्या साई मन्दिर में उपस्थित लगभग -1000 भक्तो के बीच में बताया कि यह मेरे जीवन में बाबा का विशेष चमत्कार था । बोलो साई बाबा की जय, बोलो तात्या साई की जय ।
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EXPERIENCED MIRICLE[FLOWERS] OF TATYA SAI MANDIR
MY SELF IS SMT USHA DUBE R/O JUHI LAL COLONY KANPUR CITY U.P. INDIA BECAME ASTONISH BY THE EVENT WHICH HAPPENED WITH ME . I AM GOING SAI TEMPLE TATIYAGANJ KANPUR LAST FEW MONTHS & I AM DEVOTED TO TATYA SAI BABA & MAHARAJ JI . I HAD TAKEN THE FLOWERS OF TATYA SAI WORSHIP AND FELL DOWN IN THE RATION CARD OFFICE. RATION CARD OFFICER HAD ISSUED MY RATION CARD WITHOUT TAKING EXTRA MONEY. WHILE HE WAS TAKING 200/-RS. PER FAMILY & SECOND EVENT IS AN TEAM OF ELECTRIC DEPARTMENT CAME IN MY COLONY. MOST OF THE PEOPLE WERE USING KATIYA (KATIYA MEANS UNAUTHORISED CONNECTION) THE TEAM NOTED SEVERAL NAMES AND LODGE F.I.R. AGAINST THEM. MY SELF IS USING KATIYA ALSO. THE TEAM WROTE MY NAME . IN THE MEAN TIME SENIOR OFFICER CAME & SAID HARRY U.P. . I ZOINT MY HAND TO RESPECT SENIOR OFFICER SENIOR OFFICER HAD REMOVED MY NAME FROM THAT LIST THIS WAS ASTONISHING EVENT FOR ME THIS IS THE GRACE OF TATYA SAI BABA & TATYA SAI MAHARAJ. I SEE USUALLY SAI BABA & MAHARAJ JI IN THE DREAM. BOLO- SAI BABA KI JAI, TATYA SAI KI JAI ,
29 APRIL 2011

ः- मैं श्रीमती ऊषा दुबे 44/3, जूही लाल कालोनी से बाबा के मन्दिर में आती हूँ। हमारा दो साल से राशन कार्ड नहीं बन पा रहा था। मैं बाबा के फूल ले गई और आफिस में डाल दिये। बाबा की कृपा से हमारा कार्ड बन गया। बाबा के चमत्कार की घटना जो मेरे साथ घटी वह इस प्रकार है। मेरे पड़ोस में सभी लोग कटिया डालकर बत्ती जलाते हैं। हम भी कटिया डाले हुये थे। बिजली विभाग की टीम आयी सबके यहाँ छापा मारा सबके नाम लिखेहमारा भी नाम लिखाउसी समय बड़ा अधिकारी आ गया। हम जय बाबा कीजय बाबा की मन ही मन बोल रही थी और अधिकारी को हाथ जोड़ कर नमस्ते कर रही थी। बड़े अधिकारी ने हमारा नाम लिस्ट से हटा दिया। मेरे आश्चर्य की सीमा न रही सभी बस्ती वाले आश्चर्य चकित थे कि तुम्हारा नाम क्यों हटा दिया समझ में नहीं आया। यह सब बाबा का चमत्कार था। बोलो जय बाबा कीबोलो जय बाबा की। 
 

EXPERIENCED MIRICLE[FLOWERS] OF TATYA SAI MANDIR
I, RAJA MISHRA R/O ACHAL GANJ UNNAO U.P. INDIA . I AM COMING IN THE TEMPLE LAST 2 YEARS. IN MY HOUSE. AN UNVISIBLE BAD ELEMENT USUALLY KNOCKING MY DOOR AT THE MID DAY OF EVERYDAY. WHEN I USED TO SEE THERE WAS NOTHING AS I HAD HEARED BY PEOPLE THAT THERE IS A SAI TEMPLE IN TATIYAGANJ ON G.T. ROAD BETWEEN MANDHANA & CHAUBEPUR RAILWAY STATION. ON PARTICIPATION IN WORSHIP(PUJA PATH HAWAN ARTI) SUCH TYPE OF PROBLEMS REMOVED AUTOMATICALLY. I CAME IN TEMPLE. PARTICIPATED IN WORSHIP AND TAKEN PRASAD  & FLOWERS OF BABA JI. ON RETURNING MY HOME I POURED FLOWERS AT THE DOOR. FROM THAT DAY . THE KNOKING INCIDENT BECOME STOP. THIS IS MIRACLE OF TATYA SAI BABA & TATYA SAI MHARAJ JI . PLEASE TELL -JAI SAI BABA KI, JAI TATYA SAI KI.
ः- भक्त राजा मिश्रा अचलगंज उन्नाव उ0प्र0 ने बताया कि उनके घर दिन में 12 बजे कोई अदृश्य शक्ति दरवाजे पर खट-खट दो बार करती थी। देखने में कोई दिखाई नहीं पड़ता था। बाबा के हवन के फूल 2-3 बार घर में ले गये और दरवाजे में डाल दिये। बाबा की कृपा से खट-खट होना बन्द हो गया। यह बात मेरी समझ में नहीं आई। पर बाबा की कृपा से चमत्कारिक ढंग से ठीक हो गया। बाबा के खजाना बांटने के लिए 151 रु0 बाबा को अर्पित करता हँू। ऐसा ही ब्लाक चैबेपुर के नरेश कुमार ने भी बताया। बाबा के फूलों से श्रीमती विनय सविता बिरतियान मन्धनाकानपुर की बलाय बाधा ठीेक हुईं। श्री एम. के. कठेरियातातियागंज कानपुर को हमेशा अंधेरे में लगने वाला डर बाबा के फूलों से ठीक हो गया। बोलो सांई बाबा की जय।
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EXPERIENCED MIRICLE[FLOWERS] OF TATYA SAI MANDIR
I, PINTOO TIWARI R/O NANKARI  IIT. KANPUR U.P. INDIA. REACHED IN SAI TEMPLE TATYAGANJ ON TELLING MY FRIEND.  I PRAY TO TATYA SAI BABA BY HAWAN. ARTI & PUJAN. AFTER WORSHIP I HAD TAKEN THE FLOWERS OF WORSHIP AND  COME BACK MY HOUSE. NEXT DAY  I WENT IN ELECTRIC OFFICE FOR CORRECTION OF MY FALSE ELLECTRIC BILL WHICH WAS VERY MUCH. I POURED THE FLOWERS OF BABA JI NEAR THE CHAIR OF  ELECTRIC OFFIOR AND RETURNED MY HOME. AFTER FIFTEEN DAYS I HAD RECEIVED CORRECT ELECTRIC  BILL BY POST. I BECOME ASTONISH. THAT MY CORRECT WILL CAME IN MY HAND WITHOUT ANY SPECIAL  ATTEMPT FOR THIS BILL  I WAS  HARRESSED BECAUSE OFFICIAL STAFF ASKING RS 2000/ BY A MEDIATER. I WAS UNABLE TO PAY THIS HUGE AMMOUNT BECAUSE I AM A POOR PERSON, SO THIS WAS THE MIRACLE OF SAI BABA OF TATYA SAI MANDIR & TATYA SAI MAHARAJ JI. HORN- SAI BABA KI JAI TATYA SAI KI JAI-
10 MAY 2011.
भक्तों के अनुभूत चमत्कार :- मैं पिन्टू तिवारी म० नं० 301, नानकारीआई.आई.टी. कानपुर का निवासी हूँ। मैं अपने बिजली के बिल को ठीक कराने के लिए 6 माह से परेशान था। कुछ विभागीय दलाल अनापेक्षित पैसा मांगते थे जो हम देने में असमर्थ थे। हम बाबा के फूल ले गये और बिजली विभाग में डाल आये। एक माह बाद बाबा की कृपा से बिना दौड़ धूप किये बिना धन दिये हमारा बिजली का बिल सुधर कर डाक से हमारे घर आ गया। यह सब बाबा का चमत्कार है। बोलो सांई बाबा की जय। बोलो तात्या सांई की जय।
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EXPERIENCED MIRICLE[FLOWERS] OF TATYA SAI MANDIR
I, NAND  LAL MISHRA R/O PANCHWATI, NEAR JHANDA CHOWK, VINAYAKPUR (1 K.M. FROM GURDEV PALECE) KANPUR IS COMMING IN TATYA SAI TEMPLE LAST SIX MONTHS. I FEEL MIRALCE OF TATYA SAI BABA AS ONE INCIDENT HAPPENED WITH ME. MY, ONE FILE HAD BEEN LOST IN MY OFFICE FROM LAST ONE YEAR .I WAS GOING TO THE OFFICE AND WAS REQUESTING TO THE CLERK PLEASE SEARCH MY FILE AND DO MY WORK. THE CLERK WAS NOT TAKING INTREST. I WAS VERY SAD. BECAUSE I HAD REQUESTED MORE THAN 15 TIMES. I CAME IN TEMPLE SAID TO MAHARAJ JI. MAHARAJ JI GIVEN ME FLOWERS OF WORSHIP AND SAID- POUR THE  FLOWERS IN THE OFFICE. IN THE NEXT DAY, I WENT OFFICE & POUR THE FLOWER NEAR THE CLERK TABLE AND CAME BACK. IN THE NEXT WEEK . I WENT OFFICE AND MEET TO THE CLERK. THE CLERK SAID ME PLEASE WAIT I WILL SEE YOUR FILE AFTER AN HOUR. AFTER AN HOUR HE SEARCHED MY FILE AND SAID TO ME . WHEN IS YOUR DAUGHTER’S MARRIAGE. I SAID THAT IT WILL TAKE AT LEAST SIX MONTHS. ON IT HE ISSUED MY CHEQUE. WHICH WAS ABOUT ONE & HALF LACK RUPPES. WITHOUT TAKING ANY SUBIDHA SHULKA(HELPING FEE). I BECOME ALSTONISH. A LOT OF THANKS MY SAI BABA & MAHARAJ JI. NOW I COME EVERY MONTH IN SAI TEMPLE AND TAKING BLESSING  OF SAI BABA & TATYA SAI MAHARAJ JI. HORN- SAI BABA KI JAI. TATYA SAI KI JAI.

ः- मैं नन्दलाल मिश्रा ग्राम-गजवसनी पो0-जनती की मड़ईजिला-चन्दौली (मुगलसराय के पास) का निवासी हूँ। मेरी एक फाइल कहीं विभाग में खो गई थी। मैं पिछले 4-6 माह से परेशान था। मैं जब भी आफिस जाता था बाबू कोई न कोई बात बहाना बनाकर टाल देता था। हम बाबा के मन्दिर में आये 2-3 बार आने के बाद हम बाबा से अपनी अर्जी लगाये। बाबा ने हमें गेंदा की महक दीमैं अति प्रसन्न हुआ। अबकी बार मैं जब आफिस गया तो बाबा के फूल डाल आया और जब अगली बार गया तो बाबू बोला बिटिया की शादी कब है मैनें कहा अभी थोड़ा टल गई है। बाबू ने कहा बैठो तुम्हारी फाइल बाद में ढूंढेगे। फिर उसने फाइल ढंूढी जो अलग फाइलों में पड़ी थी। हमारी फाइल मिल गई। और बाबू ने बिना कोई पैसा लिए उसी दिन हमारी एक लाख सरसठ हजार की चेक काट कर देदी। यह बाबा हमारे लिए चमत्कार था। जिसके लिए हम माह परेशान रहे। वह पलक झपकते हो गया। बोलो सांई बाबा की जय। बोलो तात्या सांई की जय। बाबा के चरणों में 101/- रुपये अर्पित करता हूँ।
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बाबा की सुगन्ध का एहसास:- बाबा अपने भक्तों को टिपिकल विशेष प्रकार की सुगन्ध जो गुलाब के फूलों जैसी होती है का एहसास कराते हैं। जिन्हें सुगन्ध मिली। 1. श्री आर0सी0 श्रीवास्तव, म0नं0 140, कैलाश विहार लखनऊ वासी उ0प्र0। 2. एन0के0मिश्रा म.नं. 8/173, अम्बेदकर नगर, कानपुर उ0प्र0। 3. मोहनलाल कुशवाहा रायसाहब की गली तातियागंज मंधना, कानपुर, 4. जूनियर डा0 वन्दना जी0टी0 रोड हण्डिया, इलाहाबाद। 5. श्रीमती मुन्नी देवी (रविशंकर की माता जी) भरुवा, सुमेरपुर, ठकुरन टोला, हमीरपुर उ0प्र0। 6. सरदार गुरुबक्स सिंह म.नं. 153-ए सेक्टर नोएडा उ0प्र0। और ऐसे ही हजारों भक्त। मैं सरदार गुरुकब्स सिंह म.नं. 153-ए, सेक्टर नोयडा, गौतम बुद्ध नगर से बाबा के मन्दिर में आया था। महाराज जी ने बताया कि बाबा अपनी उपस्थिति का आभास गुलाब के फूल जैसी महक से देते हैं। यही बात मैनें मन्दिर की पुस्तक में भी पढ़ी थी। मैं वापस अपने घर जा रहा था जैसे ही मैं  अलीगढ़ के पास पहुँचा एक विशेष प्रकार की अच्छी सुगन्ध लम्बी धीमी श्वास के रुप में मिली। मैं समझ गया की बाबा जी आ गये। बाबा जी को प्रणाम किया। यह मेरे जीवन का मेरा पहला अनुभव था। तब से मैं बाबा का अनन्य भक्त हो गया हूँ। बोलो तात्या सांई की जय। बोलो सांई बाबा की जय। नोट- गुरुबक्स सिंह ने यह सूचना 14 अक्टूबर को दिन में 11 बजकर 55 मिनट पर मन्दिर के बेसिक फोन पर दी। यह सुगन्ध आपको भी मिल सकती है। केवल श्रृद्धा भावना के साथ बाबा को याद करो। बाबा सदा कृपा करेंगे।
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