Monday, 3 March 2014

साईं वाणी

साईं वाणी I - आई - माने में -- मै -- माने अहम -- माने अहंकार -- माने ईगो -- अंग्रजी वर्णमाला का अक्षर आई सीधा और खड़ा होता है माने खम्बा(पिलर) की तरह होता है , अर्थात अकड़ पन का प्रतीक है , अत: अकडू मत बनो विनम्र स्वभाव बनाओ , जब हम अंग्रजी के आई को मोड़ देंगे तो वह एक पुल की भांति बन जायेगा अर्थात जब हम मीठा स्वभाव बना लेंगे तो हम अपने परिवार के प्रति, अपने समाज के प्रति, अपने मित्रो के प्रति और अपनों के प्रति हमारी अकड़ में और उनके बीच के प्रेम में एक सेतु बन जाएगा। फिर हम सबके प्रिये बन जायेगे और हमारा अकडू स्वभाव चला जायेगा तथा सब हमारे प्रिये बन जायेगें। फिर जब येही हमारा संभंध सदगुरु के प्रति , परमात्मा के प्रति हो जायेगा तो जीवन में निखार आ जायेगा और फिर तुम जीवन में जो चाहोगे वो हो जायेगा , केवल सत्यता के साथ अपने कर्म पथ में लगे रहो , अकड़ना अच्छा नहीं होता है , दांत अकड़ (कठोर ) होते है , जल्दी टूट जाते है , पेड़ सीधा अकडा होता है तूफ़ान में टूट जाता है , शरीर या मांसपेशी अकड़ जाये तो दर्द होता है , मुर्दा अकड़ जाता है तो उसकी कोई पहेचान नहीं होती है , बल्कि समाज उसे अपने से अलग कर देता है , और उसे जला देता है या उसे जमीन में गाड दिया जाता है अत : विनम्र बनो और सुखी रहो भगवान् आपकी सदा रक्षा करेंगे। --बाबा की ओर से आशीर्वाद - सदा सुखी रहो ------तात्या साई महाराज तात्या साई मंदिर तातियागंज कानपुर उत्तर - प्रदेश भारत

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