Sunday, 23 February 2014

साईं वाणी

साई बाबा का तीसरा अवतार :- चले हर गुरुवार , साई मंदिर तातियागंज , दोपहर बाद , शाम से पहले , अर्थात जाड़े में 12 -4 , गर्मी में 4 -7 बजे तक , जिन लाखो भक्तो को लाभ हुआ है , उनमे से कुछ के नाम पते लिखे है - (2 स्थानीय , 1 बाहर का) , - साई बाबा ही अपने तीसरे अवतार में अदृश्य सत्ता के रूप में अंशावतार तात्या साई बाबा हैं। जो 22 वर्षों के लिए यहाँ आये हैं - तात्या साई बाबा और तात्या साई महाराज में अंतर :-तात्या साई बाबा अदृश्य के रूप में मंदिर में विद्यमान हैं , और महाराज जी मंदिर के व्यवस्थापक हैं, साई ट्रस्ट के संचालक हैं , कुछ नहीं जानते हैं , केवल सबके हित के लिए सच्चे भाव से बाबा से प्रार्थना करते हैं और करवाते हैं ,और बाबा जी सबका भला करते हैं , तात्या साई महाराज साई बाबा के अवतार नहीं हैं अनेकों भक्त महाराज जी में ही तात्या साई बाबा का अनुभव करते और दर्शन करते हैं , भक्तों के अनुसार महाराज जी के पास जरूर कुछ ऐसा है जो अन्य के पास नहीं है , महाराज जी , ऐसे सभी भक्तों की श्रद्धा को नमन करते हैं , -- साई बाबा कि कृपा से कभी कभी महाराज जी हाथों में / से कुछ विशेष अविस्वश्नीय कार्ये होते हैं , जैसे :- महाराज जी के हाथों में साई बाबा की ज्योति जलती है अवश्य देखें , परम कल्याण होगा , साई बाबा के वचन / वाणी व आशीर्वाद महाराज जी के माध्यम से भक्तो को मिलता है , कुछ भक्तो ने जो अनुभव किया , देखा कभी हाथों से रूपये निकलते हैं , कभी गंगा जल की बूंदे गिरती हैं , कभी भस्म निकलती है , कभी लॉकेट , कभी फूल , एक बार 1 -1 रुपए के 51 सिक्के मुट्ठी से निकले थे , जो भक्तो में बाँट दिए गए थे , रक्षाबंधन में 10 मीटर रक्षा सूत्र निकला था , बिना माचिस आग के बाबा के चार दीपक जल उठे थे , एक बार पानी में दीपक जले थे , महाराज जी के अनुसार यह कोई चमत्कार नहीं है , इससे भक्तों की श्रद्धा बाबा से और मंदिर से जुड़ जाती है , फिर बाबा की कृपा से भक्त का भला होने लगता है , मंदिर में देखे शीशे का मंदिर , बालू का मंदिर , चार धाम , द्वादस लिंग , नौ दुर्गा के रूप , नौ ग्रह तथा अन्य बहुत कुछ , भक्तो द्वारा अर्पण - बाबा की कृपा से जिन भक्तो की सर्विस लगी है , उन्होंने अपनी प्रथम तनख्वा आंशिक / पूरी बाबा के मंदिर को बनाने / भंडारा के लिए भेंट की है , कुछ भक्त खजाना बाँटने के लिए 1 - 1 के 51 , 101 या 501 सिक्के या बंधे नोट मंदिर में अर्पण करते हैं , कुछ भक्त मंदिर बनाने में एक ईटा हेतु 101 रुपए का सहयोग / अर्पण करते हैं )मंदिर में निर्माण हेतु ईटा, सीमेंट , टाइल्स , बिल्डिंग मटेरियल का भी सहयोग कर सकते हैं क्योंकि यह मंदिर गरीब भक्तो का मंदिर है , जनता का मंदिर है (जे 0 के 0 मंदिर है) मंदिर में जो भी भक्त कुछ धन अर्पित करते हैं वहाँ भक्तो के बीच ही बाँट दिया जाता है , कभी खजाने के रूप में , कभी वस्तु के रूप में , महाराज जी द्वारा अपने लिए कोई धन नहीं लिया जाता है , मंदिर में महाराज जी का हाथ से कुछ भी मिले , ले लेना , तुम्हारा कल्याण हो जायेगा , जैसे - सिक्का , पत्रिका , नारियल , अगरबत्ती , माला -फूल , बताशा , वस्त्र , में चादर , रुमाल , बनियान ,ब्लाउज , स्वेटर , शाल आदि। साई मंदिर जो भी आता खाली हाथ कभी न जाता , जो भक्तो के सहयोग से हमेशा बनता रहता है प्रशाद भंडारा सब भक्तो के सहयोग से ही होता है , पिछले समय में C/O- मिश्रा जी पेपर वाले , कानपुर विश्वविधायालय , श्री के 0 पाल , दलहन विभाग , स्टूडेंट / टीचर , यश राज नर्सिंग कॉलेज श्रीमती अनीता जी साई ट्रस्ट इटावा निवासी , राणा साहब केशव वाटिका में प्रसादी भंडारा कराया था ,प्रशादी भंडारा के लिए चावल , चना , शक्कर , आदि अर्पण कर सकते हैं , पालकी यात्रा का आयोजन रोहित शर्मा फर्नीचर्स , नानकारी , आई 0 आई 0 टी 0 द्वारा किया जाता है ,जो ड्राईवर गाड़ी रोककर बाबा को प्रणाम करके आगे बढ़ते हैं , उनपर बाबा विशेष महेरबान होते हैं और उनके परिवार की सदा रक्षा करते हैं, और इसी प्रकार बाबा दुखी , निराश , विद्यार्थी , कर्मशील और बेरोजगार तथा सचचे भक्तो पर बाबा विशेष कृपा कर रहे हैं , --- नोट :- शादी होने के बाद जो पति -पत्नी श्रद्धा भाव से मंदिर में आकर बाबा का दर्शन करते हैं बाबा की कृपा से उन्हें 2 वर्ष के अंदर अच्छी संतान का योग बन जाता है ---- प्रशाद में बताशा , अगरबत्ती , नारियल , अच्छीं मिठाई , फल , चढ़ाएं , ये सभी प्रशाद भक्तो में ही बाँट दिया जाता है , प्रशादी भंडारा के लिए चावल , चना , शक्कर , आदि अर्पण कर सकते हैं , --- बाबा की कृपा से भक्तो को लाभ मिला - डेढ़ किलो का ट्यूमर ठीक हुआ , मदन भाई पूर्व एनासाही कर्मी तातियागंज , जबसे सिक्का मिला है सब ठीक हुआ है , कृष्ण चन्द्र अग्निहोत्री सीनियर एल 0 आई 0 सी 0 प्रतिनिधि , कानपुर , मंत्र जपने से , मंदिर का चुंबकीय पानी पीने से फायदा मिला , कमर दर्द फालिस ठीक हुआ श्रीमती संतोषी दुबे , सहजना , अरौल , बीस वर्ष पुराना दर्द ठीक हुआ - 116 /656 , तुलसी राम , रावतपुर गाँव , बताशा का प्रशाद खाने से संतान का योग शादी के 14साल बाद बना , अरविन्द पाल , शिवराजपुर , @ बाबा की महक व सपने में दर्शन मिला , विकास श्रीवास्तव राजेंद्र नगर, उरई , @ बाबा के फूलों का चमत्कार -- भोपाल में बिटिया के घर में गिरे - अर्चना सोनकर , एम 0 आई 0 जी 0 281 , आवास विकास कल्याणपुर , सुखविंदर कौर -@ नॉएडा में , बाबा के फूल दूध में गिरे , बाबा के फूलों से ऑफिस में कार्ये बना - आनंद तिवारी , नानकारी आई 0 आई 0 टी 0 , श्रीमती उषा दुबे - 44 / 3 , जूही कालोनी , खोया बेटा वापस आया - 12 वर्ष बाद मेरे 2 बेटे वापिस आये - नन्हे कश्यप की माता जी - तातियागंज , अवधेश प्रताप सिंह - ग्राम - चकवा , भदोही , 2 वर्ष बाद बेटा वापिस आया , 18 वर्ष बाद बेटा वापिस आया , सम्पत राम हथना ,जिला - जालौन, छूटी सर्विस मिली - बंगाली भाई - इटावा निवासी , कपिला पशु आहार, इक़बाल भाई -@ रावतपुर गॉव , सर्विस मिली - अरविन्द कुमार - पुलिस विभाग - घाघपुर , मनीष कुमार - C-35-36 नेहरू विहार , नई दिल्ली , नीलम गौतम - F ब्लाक , पनकी ---- मनोकामना पूर्ण हुई :- कृष्ण गोपाल - शाहगंज , संतो का तालाब - उन्नाव , राम नारायण मुनीम जी - तातियागंज , अरौल , चमत्कारिक अनुभव :- मंदिर जाने के लिए पैसे नहीं थे , बाबा के ध्यान किया , ध्यान में भाव आया अंदर देखो पैसे रखे हैं , जा कर देखा अलमारी में 200 रुपए रखे थे , श्रीमती रामवती शर्मा - @ आवास विकास कल्याणपुर , मंदिर में 100 रुपए चढ़ाये , घर में आये जैब से 100 रुपएफिर निकले, जबकि जैब में 100 नहीं थे , राम लाल पाल - सीता चौराहा , आवास विकास ऑफिस के पास - , बाबा ने नारियल दिया :- नारियल में फूल निकला - सिथलेश सिंह - EWS -2423 , कल्यापुर , श्रीमती अनीता जी , 8 /192 , आंबेडकर पुरम

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