Saturday, 1 February 2014

साईं वाणी

सजग रहो - सोओ मत :- भारतीय पुराणो में एक कथा आती है जिसमे भगवान् विष्णु सो जाते है ,- जब वो सो जाते है तो उनके कान से दो राक्षस उत्पन्न हो जाते है , और नाना प्रकार की समस्याओं को जन्म देते है , उत्पात मचाते है--- ये कहानी हमे बताती है कि कार्य क्षेत्र चाहे जो हो, उत्तरदायित्व चाहे जो हो , सच्ची लगन के साथ पूरे करो , लेकिन हमेशा अपने कर्मचारियों पर , अपने बच्चो पर , तथा मिलने जुलने वाले मित्रो , रिश्तेदारो , से हमेशा सजग होकर काम करो , भगवान् के सोने का अर्थ ये है कि आवश्यक्ता से अधिक किसी पर विश्वास मत करो , भगवान् के कान से राक्षस क्यों निकले - ये मुख से , पीठ से , पैरो से , नाभि से , क्यों नहीं निकले , यहाँ भगवान् हमे ये बताते है कि कानो से सुनी हुई बातो पर पूर्णतया:विश्वास मत करे , अर्थात सोकर , अर्थात अंधविश्वासी होकर उन्हें न माने और स्वयं से जागकर अर्थात सजग होकर सही चिंतन करे , और यदि ऐसा नहीं करेगे तो तुम्हारे जीवन- यात्रा में भी भगवान् विष्णु की तरह कई राक्षस पैदा हो जायेंगे जो तुम्हारे कार्ये और परिवार के विकास की गति को रोक देंगे , अत : सोओ मत , सजग रहो तथा इतने सजग भी न रहो , कि तुम्हे शंका की बीमारी पैदा हो जाये , और विकास रुक जाये , बाबा की ओर से आशीर्वाद , सदा सुखी रहो ------तात्या साई महाराज तात्या साई मंदिर तातियागंज कानपुर उत्तर - प्रदेश भारत LIKE / SHARE

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