Thursday, 20 February 2014

साईं वाणी

साईं वाणी भगवान जैसा छल करने वाला और प्रेम करने वाला दूसरा कोई नहीं है :- इस संसार में जो मानव भगवान् के साथ छल या कपट करता है , तो सच मानिये भगवान् के समान उनसे बड़ा कोई छली कपटी नहीं है , जो छल कपट करता है , उसके साथ भगवान् सबसे बड़ा छल करते है , कि उसका अपना पूरा जीवन बीतता जाता है , और उसे मालूम नहीं हो पाता है कि परमात्मा उसी की अंदर है , माँ पार्वती भगवान् से झूठ बोली तो भगवान् ने उनका उस जन्म में त्याग कर दिया , रावण अगर कपट करके सोने का हिरन (रोल्ड गोल्ड ) बनाकर उनके पास न भेजता तो वह लंका में नकली सीता न भेजते , नकली सीता ने ही सोने की लंका भस्म कर दी थी , अगर बल पाकर- बालि औरो पर अत्याचार करता है तो भगवान् उसके जन्म का अंत कर देते है और इसी प्रकार उनसे बड़ा प्रेम करने वाला कोई दूसरा नहीं है , --- रामहि केवल प्रेम प्यारा -- वह प्रेम करने से विष को अमृत बना देता है (मीरा), प्यार से गोदी में बैठा लेता है (प्रहलाद) , सच्ची मित्रता में रथ का ड्राईवर बन जाता है(अर्जुन ) और कर्त्तव्य निष्ठां में द्वारपाल बन जाता है (राजा बलि ) और तो और बहुत सच्चा प्रेम करने पर वह अपने समान भी बना देता है , --- जानत तुमहहि तुम्हहि हुई जाई ---" अत : परमात्मा से छल कपट त्याग कर परमात्मा से सही प्रेम करते हुए सच्चे ढंग से आगे बढ़ो , परमात्मा अद्रश्य सत्ता के रूप में तुम्हारा मार्ग दर्शन करता रहेगा और जीवन को संवारता रहेगा --- बार बार रघुबीर संवारी ---" बाबा की ओर से आशीर्वाद - सदा सुखी रहो ------तात्या साई महाराज तात्या साई मंदिर तातियागंज कानपुर उत्तर - प्र देश भारत

No comments:

Post a Comment