तुम थोडा तो आगे चलना / बढ़ना सीखो - एक व्यक्ति के यहाँ उनके रिश्तेदार आये थे सब ने पैर छूकर उनका सम्मान किया 30 फूट की दुरी पर एक छोटा बच्चा ये देख रहा था वह भी धीरे धीरे पैरो के बल पर घसिटता हुआ आया और उसने भी अपना एक हाथ रिश्तेदार के पैर पर रख दिया छोटे बालक को देखकर सब हँस पड़े लेकिन उस रिश्तेदार ने उसे उठाकर गोद में ले लिया और उसे प्यार करने लगा ---- ठीक इसी प्रकार जब तुम भी अपने लक्ष्य की ओर चलना शुरू कर दोगे तो समाज के लोग तुम पर हसते हैं लेकिन तुम्हारे क्षेत्र के विकसित लोग तुम्हे उठाकर अपने से मिला लेंगे और तुम्हारा विकास हो जायेगा और यदि परमात्मा/ सदगुरु की और चलते हो तो वह भी तुम्हे गले से लगा लेगा और तुम्हारे जीवन को धन्य कर लेगा अपने विकास के लिए किसी भी क्षेत्र में दृढ़ता और विश्वास के साथ आगे बढ़ना शुरू करो और सुखी बनो ----तात्या साई महाराज तात्या साई मंदिर तातियागंज कानपुर उत्तर - प्रदेश भारत
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