Thursday, 9 January 2014

साईं वाणी

देवता पूजनीय होते है किन्तु ----देवता भगवान् के देव दूत होते है , जो मानव द्वारा की गयी प्राथना से उन्हें अच्छे लाभकारी परिणाम देते है , किन्तु कुछ देवता हमे सिखाने के लिए शिक्षा भी देते है --- जैसे अग्नि देवता ---> अग्नि देवता जब यज्ञ में लकड़ी और हवन सामग्री का साथ करते है तो पूजनीय होते है , बंदनीय होते है , किन्तु जब यही देवता लोहे का अर्थात कठोर का साथ करते है तो पीटे जाते है , लोहा पीटने पर जब ठंडा हो जाता है तो फिर गर्म करके पीटते है , अर्थात लोहा और अग्नि देवता दोनों पीटे जाते है , जब यही अग्नि देवता कूड़े-करकट और मुर्दे का साथ करते है तो लोग इनसे दूर भागते है जब यही देवता बीडी , सिगरट का साथ करते है तो पैरो से कुचले जाते है , ----> उपरोक्त घटनाऑ से हमे अग्नि देवता हमे सिखाते है कि हे मानव तुम अच्छे विचारो वाले हो , अच्छे और सम्मान परिवार से हो , समाज में पूजनीय , बंदनीय हो तो ऐसे निम्न श्रेणी के , निम्न विचारो के , और घटिया , अहमी , कठोर , उद-दण्ड लोगो का साथ न करो और यदि साथ करोगे तो जैसे अग्नि देव का मान अपमान होता है , ऐसे ही परिस्थितियों से गुजरना पड़ सकता है अत : गलत लोगो से दोस्ती न करे , जीवन को सफल बनाये और आगे बड़े ----- सदा सुखी रहो , ------ तात्या साई महाराज तात्या साई मंदिर तातियागंज कानपुर उत्तर-प्रदेश भारत

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