Tuesday, 14 January 2014

साईं वाणी

जब बहू पहली बार तुम्हारे घर आये ------: रामायण में लिखा है जब बहू घर में आये तो उसकी रक्षा ऐसे करनी चाहिए जैसे आँख की पुतली की रक्षा पलकें करती है लेकिन आज का विषाक्त वातावरण ऐसा बन गया है कि दोनों पक्षों का समाज बहू और सास को शादी के पहले नेगेटिव उर्जा --- व्यर्थ की बातो से इतना भयानक चित्र खड़ा कर देता है कि शादी होने के बाद महीने और डेढ़ महीने के अंदर ही शादी की सारी खुशिओं को ग्रहण लग जाता है , परिवार का वातावरण विषाक्त और नरक जैसा हो जाता है ---- होता ये है शादी से पहले सास से मिलने वाली महिलाये पुरुष सब ये कहते है जैसे ही बहू आये उस पर हावी हो जाना , शाशन कड़ा रखना नहीं तो बाद में रोना पड़ेगा जिससे सास का पवित्र मन पहले से ही कलुषित भावनाओ से भर जाता है ठीक इसका उल्टा बहू से मिलने वाली उसकी सखिया और वरिष्ठ महिलाये उसे भी नकारात्मक विचारो से भर देती है और बोलती है जाते ही घर पर अपना शासन जमाना , पति को मुट्ठी में रखना और दब गयी तो जिंदगी भर रोना पड़ेगा ---- अरे भाई ,- बहू तुम्हारे घर में अपना सब कुछ छोड़कर के आ रही है उसके लिए सब कुछ नया आशंका जनित भ्रम से भरा हुआ है और उसे समाज ने नकारात्मक उर्जा से भर दिया है ---- अब वो गर्म दूध की तरह है , उसे अपने घर में लाकर स्नेह प्यार से ठंडा होने दीजिये ममता प्यार से मीठा कर दीजिये और फिर जो कुछ बनाओगे दही पेड़ा बर्फी लस्सी की तरह उसका व्यवहार सदा मिठास देगा और अब अगर कोई कुछ खटास डालकर उस दूध को फाड़ना चाहे तो दूध फटने के बाद भी पनीर की तरह स्वादिस्ट बन जायेगा ----- लेकिन ध्यान रखे अगर उसके आते ही तुमने कडुवा और कठिन व्यवहार करना शुरू किया तो वह गर्म दूध की तरह उबल जायेगा , बर्तन से बाहर निकल जावेगा , आते ही उसमे कोयला नमक राख शक्कर नीबू आदि डाल देंगे अर्थात सब कुछ ख़राब विचार डाल देंगे तो यह दूध किसी योग्य नहीं रहेगा और परिवार से बिलग हो जायेगा अत: आने वाली बहू को स्नेह दे और ममता दे ढेर सारा प्यार दे तो येही बहू तुम्हारे घर को स्वर्ग बना देगी , ------ बाबा की और से आशीर्वाद ----सदा सुखी रहो , ------ तात्या साई महाराज तात्या साई मंदिर तातियागंज कानपुर उत्तर-प्रदेश भारत



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