सूखे फूल का महत्व ज्यादा होता है , ताजे फूल की तुलना मे :- यह सच है कि ताजा फूल कोई भी हो अच्छा और सुंदर लगता है , गुलाब के फूल का तो कहना ही क्या उसका रंग सुन्दरता , और अच्छी महक किसी के मन को मोह लेती है , कुम्भिलाया (मुरझाया हुआ) फूल प्राय: फ़ेंक दिया जाता है या औषिधि आदि बनाने के काम आ जाता है किन्तु जब यही फूल अकेला या माला बनकर प्रभु के चरणों में पहुँच जाता है तब यह सूख जाने पर भी फेंका नहीं जाता है , बल्कि उसे मस्तक पर लगाया जाता है , या किसी पवित्र जल सरोवर में प्रवाह किया जाता है अत: जीवन में अच्छे कार्य करते हुए सुंदर फूलकी तरह बनकर परमात्मा के चरणों में/ सुमिरन में , अपने को लगाओ और फिर तुम देखोगे कि अपनों में और समाज में तुम पूज्य बन जाओगे , सम्मानित बन जाओगे , शिखरस्थ बन जाओगे , कार्य क्षेत्र तुम्हारा चाहे जो हो परमात्मा को याद करते हुए अपने कार्य में सत्यता और निरंतरता से आगे बढते रहो --- सदा सुखी रहो , ------ तात्या साई महाराज तात्या साई मंदिर तातियागंज कानपुर उत्तर-प्रदेश भारत
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