गुरु के पास कितना हें :- तुम्हारे गुरु जी के पास , टीचर के पास , बुद्धिमान या सज्जन व्यक्ति के पास कितना हें , रामायण , गीता , बाइबल , कुरान , जिन वाणी , गुरग्रंथ तथा साईं वाणी कितना हें , कितना लिखा हें , यह आवश्यक तथा महत्वपूर्ण नहीं हें, तुम इससे कितना ग्रहण कर सकते हो , कितना पा सकते हो , कितना मनन कर सकते हो , कितना चिंतन कर सकते हो , तुम इससे कितना लाभ उठाकर अपने जीवन को सफल बना सकते हो , महत्वपूर्ण ये हें , सद ग्रंथो से , अच्छे साहित्य से , सदगुरु तथा महापुरुषों से अच्छा - अच्छा ग्रहण करते हुए अपने जीवन को उन्नत बनाओ और सफलता के शिखर तक पहुँचो और यही जीवन का उद्देश्य हें -- बाबा की ओर से आशीर्वाद - सदा सुखी रहो ------तात्या साई महाराज तात्या साई मंदिर तातियागंज कानपुर , उत्तर - प्रदेश भारत
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