Saturday, 28 December 2013

साईं वाणी

दूध और पानी की मित्रता हमें क्या सिखाती है :- आज कल के समय में मित्र / मित्र ग्रुप बनाने के लिए फेसबुक बहुत बड़ा साधन है और हजारों की संख्या में मित्र बनते है , इसमें ही कुछ म्यूच्यूअल फ्रेंड बनते है ,-- पानी और दूध की दोस्ती हमें क्या सिखाती है, दूध ने कहा पानी से तुम हमारे मित्र बनोगे , पानी ने कहा अरे भाई , हममें और तुममे बड़ा अंतर है , हम दोनों का महत्व अलग अलग है , दूध इस पर बोला हमसे दोस्ती करोगे तो तुम्हारा भी मूल्य बढ जायेगा , इस पर पानी बोला कि तुमयदि हमारा मूल्य बढ़ा सकते हो तो मै भी वायदा करता हूँ कि तुम्हारी रक्षा के लिए मै स्वयं मिट जाऊंगा लेकिन तुम पर कोई आंच नहीं आने दूंगा , फिर क्या था दोनों में दोस्ती हो गयी , एक से दस रुपया बिकने वाला पानी 30 - 40 रुपये में बिकने लगा , अब दूध को खौलाया जाने लगा , पानी बोला मित्र चिंता मत करो पहले में जलूँगा , तुम पर आंच नहीं आएगी , दोनों की मित्रता की मिठास देखकर शक्कर भी बीच में आ गयी , अब तीनो दोस्त मिलकर खोया और पेड़ा बर्फी बन गये , और मूल्य बढ़ गया , समाज के कुछ लोग इस मित्रता को फाड़ने का प्रयास करते है , जैसे नीबू ---- नीबू के पड़ने पर दूध फटा और बोला है मित्र अब मै पनीर बनूगा भले ही तुम हमारे साथ न हो।, लेकिन मै अपने साथ तुम्हरा नाम (पय=दूध + नीर) जरुर रखूंगा और मै जहाँ जहाँ रहूँगा वहां वहां तुम मेरे साथ रहोगे जैसे घी , मट्ठा, दही , आदि आदि -- अत : जीवन में अपने दो या तीन ही अच्छे और विश्वास करने वाले मित्र बनाये जो तुम्हारे दुःख सुख में बराबर साथ देने को तैयार रहे--जीवन में आगे बढ़े और प्रसन्न रहे - बाबा की ओर से आशीर्वाद - सदा सुखी रहो ------तात्या साई महाराज तात्या साई मंदिर तातियागंज कानपुर उत्तर - प्रदेश भारत

No comments:

Post a Comment