भगवान् आपके साथ है फिर भी :- आप भक्त है , सच्चे है , कर्मठ है , ईमानदार है , सेवाभावी है , न्यायप्रिय है , आत्मसम्मानी है , विन्रम हे, दयालु है , भगवान् में श्रद्धा है और भगवान् भी आपके साथ है इसके बाद भी यदि तुमने कोई व्यसन या नशा आदि पाल रखा है तो इन वयसनों के परिणाम स्वरुप कष्ट तो मिलेगा ही , और अपमानित भी होना पड़ेगा , तुरंत भगवान् सहायता के लिए दौड़कर नहीं आयेगे इस कर्म का प्रायश्चित करने के बाद ही राहत मिलेगी , प्रभु की कृपा मिलेगी , यह हम नहीं कहते है।, हमारे यहाँ महाभारत में युधिष्टिर का ऐसा प्रसंग है , कि सत्य निष्ठ न्याय प्रिय भगवान् के भक्त तथा भगवान् के साथ रहते हुए भी जुआं खेलेने का व्यसन पाल लिया परिणामस्वरुप पत्नी को भी जुए में भी हारना पड़ा , बहुत बड़ा अपमान हुआ , परमात्मा बहुत देर में आया अत : हर प्रकार के व्यसनो से दूर रहो , सच्चे बनो , कर्मठ बनो और प्रभु की कृपा से सुखी रहो --- भगवान् आपकी सदा रक्षा करेंगे। --बाबा की ओर से आशीर्वाद - सदा सुखी रहो ------तात्या साई महाराज तात्या साई मंदिर तातियागंज कानपुर , उत्तर - प्रदेश भारत
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