Sunday, 8 December 2013

साईं वाणी

अपना बैग बदलो - आज का आदमी भगवान् के पास गया और कहा- हे भगवान् -कृपया बताये धरती पर हम सुखी कैसे रहेंगे - भगवान् ने कहा लो तुम्हे हम दो बैग दे रहे है एक बैग में तुम्हारी बुराइयाँ और कमियां भरी हुई है और दूसरे बैग में तुम्हारे पड़ोसिओ की और रिश्तेदारो की तुम्हारे ऑफिस की और समाज की बुराइयाँ और कमियां भरी हुयी है जिस बैग में तुम्हारी कमियां भरी है उसे अपने सामने की और टांगो और प्रतिदिन खोल कर इसमें से एक एक बुराई निकलते जाओ और अपने को ठीक करते जाओ , दूसरे बैग को पीठ पर टांग लो और उसे मत देखो ----- आज का चालाक आदमी जल्दी में था दूसरा बैग आगे टांग लिया और अपना बैग पीछे टांग लिया अब वह रोज दुसरो की बुराइयाँ और कमियां देखता है और इस पर दिन भर चर्चा करता है , अपने को सँभालने के लिए आज से अपना बैग बदल लो अपनी कमियां ठीक करते हुए अपने को सुधारो और आगे बढ़ो ----------- तात्या साई महाराज तात्या साई मंदिर तातियागंज कानपुर उत्तरप्रदेश भारत

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